इंदौर : केमिकल फैक्ट्री में देर रात लगी भीषण आग, जोरदार धमाके से मची भगदड़, लाखों का नुकसान

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार देर रात एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि पूरे इलाके में जोरदार धमाकों की आवाजें गूंज उठीं। घटना बाणगंगा थाना क्षेत्र के पीछे स्थित एमपीडी कंपनी की बताई जा रही है, जो कलर बनाने का काम करती है। रातभर दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें आग पर काबू पाने में जुटी रहीं। हालांकि, मंगलवार सुबह तक भी फैक्ट्री के कुछ हिस्सों से धुआं उठता देखा गया।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात करीब तीन बजे एमपीडी कंपनी में आग लगने की सूचना फायर ब्रिगेड को मिली। फैक्ट्री में कलर तैयार करने के लिए कई तरह के ज्वलनशील केमिकल्स रखे हुए थे, जिनकी वजह से आग तेजी से फैल गई। अंदर रखे केमिकल ड्रमों में लगातार धमाके होते रहे, जिससे हालात और बिगड़ गए। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट या किसी केमिकल रिएक्शन के कारण लगी होगी, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
आग पर काबू पाने में रही भारी मशक्कत
फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने बताया कि रात में आग लगने की सूचना मिलते ही लक्ष्मीबाई नगर और सांवेर रोड से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग के भीषण रूप को देखते हुए नगर निगम की ओर से कुल नौ फायर फाइटर गाड़ियां लगाई गईं। इसके अलावा देपालपुर, बेटमा, महू, पीथमपुर और सांवेर से भी दमकल वाहन बुलाए गए। करीब 90 पानी के टैंकरों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की गई।
आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि नगर निगम ने जेसीबी मशीन मंगवाकर फैक्ट्री की दीवारें तोड़नी पड़ीं, ताकि अंदर तक पानी पहुंचाया जा सके। मौके पर बचाव कार्य में एसडीआरएफ की टीम भी शामिल हुई।
धमाकों से मचा हड़कंप
आग लगने के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने बताया कि देर रात अचानक जोरदार धमाकों की आवाजें आने लगीं, जिससे आसपास के घरों और फैक्ट्रियों में दहशत फैल गई। पुलिस ने तुरंत क्षेत्र को घेरकर आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। रातभर जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
फैक्ट्री में रखा केमिकल और रॉ मटेरियल जलकर खाक
एमपीडी फैक्ट्री में कलर तैयार करने के लिए विभिन्न प्रकार के केमिकल्स और बड़ी मात्रा में रॉ मटेरियल रखा हुआ था। आग लगने के बाद यह सारा माल जलकर खाक हो गया। फायर ब्रिगेड के अनुसार, अंदर रखे ड्रमों में मौजूद ज्वलनशील पदार्थों की वजह से आग पर नियंत्रण पाना बेहद मुश्किल हो गया था। अब तक नुकसान का सटीक आंकलन नहीं हो सका है, लेकिन अनुमान है कि लाखों रुपये का सामान नष्ट हो गया है।
गनीमत यह रही कि हादसे के समय फैक्ट्री में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। यदि घटना दिन में होती, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। अधिकारियों ने बताया कि आग पर अब काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन ठंडा करने का कार्य अभी जारी है।












