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MP Weather Update :प्रदेश में कड़ाके की ठंड और कोहरे का कहर, दतिया सबसे ठंडा; कई जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे

मध्य प्रदेश में जनवरी की शुरुआत से ही कड़ाके की ठंड और घना कोहरा प्रभावी है। शहडोल, ग्वालियर, दतिया और पचमढ़ी जैसे जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ, सड़क और रेल यातायात प्रभावित, मौसम विभाग ने कोहरा और सर्दी के लिए चेतावनी जारी की।
प्रदेश में कड़ाके की ठंड और कोहरे का कहर, दतिया सबसे ठंडा; कई जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मध्य प्रदेश में जनवरी की शुरुआत से ही कड़ाके की ठंड और घना कोहरा लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। प्रदेश के उत्तरी और मध्यवर्ती हिस्सों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। जिससे सड़कों पर दृश्यता कम हो गई और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने कई जिलों में कोहरे और शीतलहर के लिए चेतावनी जारी की है। शहडोल, ग्वालियर, दतिया और पचमढ़ी जैसे इलाके अब भी ठंड और कोहरे की चपेट में हैं। आने वाले दिनों में ठंड से राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में तापमान का हाल

    शहर

    अधिकतम तापमान (°C)

    न्यूनतम तापमान (°C)

    भोपाल

    26.8

    9.0

    इंदौर

    26.8

    9.6

    उज्जैन

    27.5

    9.4

    ग्वालियर

    21.5

    5.6

    जबलपुर

    26.7

    9.8

    रीवा

    23.6

    7.0

    शहडोल/कल्याणपुर

    20.8

    4.8

    पचमढ़ी

    20.8

    5.6

    दतिया

    20.1

    5.4

    सतना

    26.0

    9.0

    नोट: न्यूनतम तापमान के मामले में शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा इलाका है (4.8°C)। ग्वालियर और दतिया जैसे जिलों में भी पारा 5°C से नीचे दर्ज किया गया।

    ठंड और कोहरे का कारण

    भोपाल मौसम केंद्र के विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, इस समय पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम हवाओं का प्रभाव प्रदेश में ठंड बढ़ाने का मुख्य कारण है। उत्तर भारत से ठंडी हवाएं लगातार मध्य प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं, जिससे सुबह और रात के समय तापमान में भारी गिरावट देखी जा रही है।

    कोहरे की वजह से दृश्यता कम होने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। श्योपुर, मुरैना, भिंड, राजगढ़, आगर-मालवा, मंदसौर और नीमच जिलों में हल्का से घना कोहरा देखा गया।

    जनवरी में रिकॉर्ड ठंड

    मध्य प्रदेश में जनवरी का महीना ठंड के लिए खास माना जाता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दिसंबर और जनवरी में उत्तर भारत से आने वाली शीत हवाएं अधिक होती हैं, जिससे पारा सामान्य से काफी नीचे गिर जाता है।

    पिछले रिकॉर्ड्स:

    • भोपाल में 18 जनवरी 1935 को न्यूनतम तापमान 0.6°C रिकॉर्ड किया गया।
    • इंदौर में 16 जनवरी 1935 को माइनस 1.1°C दर्ज किया गया।
    • ग्वालियर में 24 जनवरी 1954 को न्यूनतम तापमान माइनस 1.1°C था।
    • उज्जैन में 22 जनवरी 1962 को पारा 0°C तक पहुंचा।
    • इस साल भी जनवरी की शुरुआत में ठंड और कोहरे ने रिकॉर्ड के करीब तापमान दिखाया।

    उत्तर-पश्चिमी हवा और सर्दी का ट्रेंड

    उत्तरी हवाओं के असर से ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग प्रदेश के सबसे ठंडे क्षेत्र बने हुए हैं। पिछले दस सालों के रिकॉर्ड के अनुसार, जनवरी में न्यूनतम तापमान कई बार 5 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ है। इसी दौरान कुछ वर्षों में उत्तर-पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हल्की बारिश भी देखने को मिली। वर्ष 2026 की शुरुआत में बादलों की मौजूदगी ने ठंड और कोहरे को और बढ़ावा दिया।

    लोगों के लिए सावधानियां

    • सुबह और रात के समय घरों से बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें।
    • कोहरे की वजह से दृश्यता कम होने पर वाहन धीमी गति से चलाएं।
    • उच्च जोखिम वाले लोगों जैसे बच्चों और बुजुर्गों को ठंड में ज्यादा देर बाहर न रहने दें।
    • स्वास्थ्य के लिए हरी सब्जियां और गर्म भोजन लें।
    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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