Garima Vishwakarma
12 Jan 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश में जनवरी की शुरुआत से ही कड़ाके की ठंड और घना कोहरा लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। प्रदेश के उत्तरी और मध्यवर्ती हिस्सों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। जिससे सड़कों पर दृश्यता कम हो गई और रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने कई जिलों में कोहरे और शीतलहर के लिए चेतावनी जारी की है। शहडोल, ग्वालियर, दतिया और पचमढ़ी जैसे इलाके अब भी ठंड और कोहरे की चपेट में हैं। आने वाले दिनों में ठंड से राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है।
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शहर |
अधिकतम तापमान (°C) |
न्यूनतम तापमान (°C) |
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भोपाल |
26.8 |
9.0 |
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इंदौर |
26.8 |
9.6 |
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उज्जैन |
27.5 |
9.4 |
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ग्वालियर |
21.5 |
5.6 |
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जबलपुर |
26.7 |
9.8 |
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रीवा |
23.6 |
7.0 |
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शहडोल/कल्याणपुर |
20.8 |
4.8 |
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पचमढ़ी |
20.8 |
5.6 |
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दतिया |
20.1 |
5.4 |
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सतना |
26.0 |
9.0 |
नोट: न्यूनतम तापमान के मामले में शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा इलाका है (4.8°C)। ग्वालियर और दतिया जैसे जिलों में भी पारा 5°C से नीचे दर्ज किया गया।
भोपाल मौसम केंद्र के विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, इस समय पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम हवाओं का प्रभाव प्रदेश में ठंड बढ़ाने का मुख्य कारण है। उत्तर भारत से ठंडी हवाएं लगातार मध्य प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं, जिससे सुबह और रात के समय तापमान में भारी गिरावट देखी जा रही है।
कोहरे की वजह से दृश्यता कम होने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। श्योपुर, मुरैना, भिंड, राजगढ़, आगर-मालवा, मंदसौर और नीमच जिलों में हल्का से घना कोहरा देखा गया।
मध्यप्रदेश में जनवरी का महीना ठंड के लिए खास माना जाता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दिसंबर और जनवरी में उत्तर भारत से आने वाली शीत हवाएं अधिक होती हैं, जिससे पारा सामान्य से काफी नीचे गिर जाता है।
पिछले रिकॉर्ड्स:
उत्तरी हवाओं के असर से ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग प्रदेश के सबसे ठंडे क्षेत्र बने हुए हैं। पिछले दस सालों के रिकॉर्ड के अनुसार, जनवरी में न्यूनतम तापमान कई बार 5 से 7 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ है। इसी दौरान कुछ वर्षों में उत्तर-पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हल्की बारिश भी देखने को मिली। वर्ष 2026 की शुरुआत में बादलों की मौजूदगी ने ठंड और कोहरे को और बढ़ावा दिया।