पांच साल पुराने मामले में बड़ा मोड़!पूर्व पार्षद को फरार बताकर पुलिस ने कोर्ट में किया चालान पेश

इंदौर। सरकारी संस्था के नाम का कथित फर्जी लेटरपैड तैयार करना और उसके जरिए सरकारी स्कूल परिसर को निजी बसों की पार्किंग के लिए इस्तेमाल कराने के आरोप में घिरे पूर्व पार्षद इफ्तेखार (मुन्ना) अंसारी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पुलिस ने मामले में पूर्व पार्षद को फरार बताते हुए जिला कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। अब अदालत ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई तक मुन्ना अंसारी को पेश किया जाए। मामले में 2 सितंबर को सुनवाई होगी।
यह मामला केवल कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने तक सीमित नहीं है। आरोप है कि अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) के नाम का फर्जी लेटरपैड तैयार कर उस पर पत्र बनाया गया और इसी दस्तावेज के जरिए अपनी ट्रांसपोर्ट कंपनी की बसों को सरकारी स्कूल परिसर में पार्किंग की अनुमति दिलाने का प्रयास किया गया। मामले में कार्रवाई की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी, लेकिन पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई में महत्वपूर्ण धाराएं नहीं जोड़े जाने को लेकर मामला बाद में हाई कोर्ट तक पहुंच गया। अब कई साल बाद पुलिस ने बढ़ी हुई धाराओं के साथ जिला कोर्ट में चालान पेश किया है।
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2021 में शिकायत से शुरू हुआ था मामला
पूर्व पार्षद अंसाफ अंसारी ने 11 फरवरी 2021 को सेंट्रल कोतवाली थाने में मुन्ना अंसारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मुन्ना अंसारी ने एआईसीटीएसएल का कथित फर्जी लेटरपैड तैयार किया। इसके बाद उसी लेटरपैड पर पत्र तैयार कर अपनी ट्रांसपोर्ट कंपनी की बसों को सरकारी स्कूल परिसर में पार्किंग के तौर पर इस्तेमाल करने की अनुमति ली गई। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया, लेकिन आरोप है कि शुरुआती FIR में कई महत्वपूर्ण धाराएं नहीं लगाई गईं। इसी बिंदु को लेकर मामला आगे बढ़ा और अंततः हाई कोर्ट तक पहुंच गया।
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FIR की धाराओं पर उठे सवाल, हाई कोर्ट पहुंचा मामला
मामले में शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से पुलिस की कार्रवाई और लगाई गई धाराओं को लेकर आपत्ति जताई गई। मामला हाई कोर्ट पहुंचने के बाद पुलिस पर भी कार्रवाई को लेकर दबाव बढ़ा। 17 अगस्त को पुलिस ने हाई कोर्ट को जानकारी दी कि मुन्ना अंसारी के खिलाफ दर्ज केस में धाराएं बढ़ा दी गई हैं। पुलिस ने अदालत को बताया कि जोड़ी गई धाराएं गंभीर अपराध से संबंधित हैं। यानी जिस मामले में शुरुआती कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे थे, उसी प्रकरण में बाद में पुलिस ने धाराओं में बढ़ोतरी की। इसके बाद अब जिला कोर्ट में चालान पेश किया गया है।
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पुलिस ने चालान में बताया फरार
बुधवार को पुलिस ने जिला कोर्ट में मामले का चालान पेश किया। खास बात यह रही कि चालान में पूर्व पार्षद मुन्ना अंसारी को फरार बताया गया है। पुलिस के इस रुख के बाद अब अदालत के सामने आरोपी की पेशी का सवाल अहम हो गया है। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह 2 सितंबर तक मुन्ना अंसारी को पेश करे। अब अगली सुनवाई में पुलिस की ओर से आरोपी की पेशी और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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सरकारी संस्था के नाम का कथित इस्तेमाल बना विवाद की जड़
पूरे मामले का केंद्र एआईसीटीएसएल के कथित फर्जी लेटरपैड को बताया जा रहा है। आरोप है कि सरकारी परिवहन संस्था के नाम का इस्तेमाल करते हुए ऐसा दस्तावेज तैयार किया गया, जिसका उपयोग सरकारी स्कूल परिसर में बसों की पार्किंग के लिए अनुमति हासिल करने में किया गया। यही कथित दस्तावेज मामले की जांच में महत्वपूर्ण आधार बना। पुलिस ने इसी मामले में पूर्व पार्षद मुन्ना अंसारी के खिलाफ कार्रवाई की है।
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स्कूल परिसर बना था बसों की पार्किंग?
शिकायत के अनुसार सरकारी स्कूल परिसर को निजी ट्रांसपोर्ट कंपनी की बसों की पार्किंग के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी पार्किंग को वैध दिखाने के लिए कथित तौर पर एआईसीटीएसएल के नाम से लेटर तैयार किया गया। अब जांच और न्यायिक प्रक्रिया में यह स्पष्ट होना बाकी है कि दस्तावेज किसने तैयार किया, उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से हुआ और सरकारी स्कूल परिसर में बसों की पार्किंग की अनुमति किस आधार पर दी गई।
चार साल पुराने मामले में अब तेज हुई कार्रवाई
मामला 2021 में दर्ज हुआ था। इसके बाद लंबे समय तक मामला कानूनी प्रक्रिया में उलझा रहा। FIR में धाराओं को लेकर विवाद हुआ और मामला हाई कोर्ट पहुंचा। अब अगस्त 2026 में पुलिस ने हाई कोर्ट को धाराएं बढ़ाने की जानकारी दी और उसके कुछ ही समय बाद जिला कोर्ट में चालान पेश कर दिया गया। इस तरह करीब पांच साल पुराने मामले में अब कानूनी कार्रवाई एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही है।
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अब 2 सितंबर पर टिकी नजर
पुलिस ने चालान पेश कर दिया है और आरोपी को फरार बताया है। अदालत ने पुलिस को 2 सितंबर तक आरोपी को पेश करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले में अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी। इस दौरान आरोपी की पेशी, पुलिस की कार्रवाई और आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।














