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ईरान पर ट्रंप का ‘इकोनॉमिक वार’! ईरान की मदद की तो भुगतना पड़ेगा आर्थिक नुकसान, कई देशों पर मंडराया संकट

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब सैन्य कार्रवाई से आगे बढ़कर आर्थिक मोर्चे पर पहुंचता दिख रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर कड़ा आर्थिक दबाव बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने साफ कहा कि जो देश, कंपनी या संस्था ईरान की आर्थिक मदद करेगी, उसे भी भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
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ईरान पर ट्रंप का ‘इकोनॉमिक वार’! ईरान की मदद की तो भुगतना पड़ेगा आर्थिक नुकसान, कई देशों पर मंडराया संकट
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अपना रुख और सख्त कर दिया है। बातचीत में सहमति नहीं बनने के बाद ट्रंप ने तेहरान पर बड़े आर्थिक दबाव की बात कही है। उन्होंने ईरान के साथ कारोबार या उसे किसी तरह की आर्थिक मदद देने वाले देशों को भी चेतावनी दी है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका ईरान की आर्थिक कमर कमजोर करने के लिए तेल, वित्तीय लेन-देन और दूसरे रास्तों पर कार्रवाई बढ़ा सकता है। उनका कहना है कि ईरान को समझौते का मौका दिया गया था लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा सका। अब अमेरिका दबाव की रणनीति आगे बढ़ाएगा।

ईरान पर ट्रंप का सबसे बड़ा आर्थिक दबाव

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अब तक की कड़ी आर्थिक कार्रवाई करने की तैयारी में है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि ईरान के पास अमेरिका के साथ समझौता करने के कई मौके थे, लेकिन बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद अब अमेरिकी प्रशासन आर्थिक दबाव बढ़ाने पर जोर दे रहा है। ट्रंप ने ईरान की आर्थिक स्थिति को कमजोर बताते हुए कहा कि अमेरिका का नया अभियान उसके लिए मुश्किलें और बढ़ा सकता है। हालांकि, ईरान की ओर से इन दावों और अमेरिकी कदमों पर अलग रुख सामने आ सकता है।

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ईरान की मदद की तो दूसरे देश भी निशाने पर

ट्रंप की चेतावनी का सबसे अहम हिस्सा उन देशों को लेकर है जो ईरान के साथ कारोबार करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी देश की वित्तीय संस्था, कंपनी, एयरपोर्ट या सरकारी एजेंसी ईरान को आर्थिक मदद देती है, तो उस पर भी अमेरिकी कार्रवाई हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने तेल की तस्करी, नकद लेन-देन, करेंसी स्वैप, एक्सचेंज हाउस, जहाजों के पंजीकरण और ईरान से जुड़ी फर्जी कंपनियों पर रोक लगाने की बात कही है। इसका सीधा असर ईरान के अंतरराष्ट्रीय कारोबार और पैसे के लेन-देन पर पड़ सकता है।

सहयोगी देशों से ट्रंप ने मांगा साथ

ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों से भी ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान में साथ देने की अपील की है। उनका कहना है कि ईरान को आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करने के लिए मिलकर कदम उठाने की जरूरत है। अमेरिका का मानना है कि आर्थिक दबाव बढ़ने से ईरान की आय और उसके दूसरे देशों के साथ कारोबारी संबंध प्रभावित हो सकते हैं। इसी रणनीति के तहत वॉशिंगटन ईरान से जुड़े आर्थिक रास्तों पर निगरानी और कार्रवाई बढ़ाने की बात कर रहा है।

परमाणु हथियार पर भी अमेरिका का सख्त रुख

ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी अपना रुख साफ रखा है। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अमेरिका लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता जताता रहा है। ट्रंप की नई चेतावनी ऐसे समय आई है जब दोनों देशों के बीच बातचीत को लेकर स्थिति साफ नहीं है। बातचीत का रास्ता बंद होने के बाद अब आर्थिक दबाव को आगे बढ़ाने की कोशिश दिखाई दे रही है।

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होर्मुज पर भी बढ़ा तनाव

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का असर होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी पड़ रहा है। यह इलाका दुनिया के अहम ऊर्जा मार्गों में शामिल है। यहां किसी भी तरह की बड़ी रुकावट का असर तेल की सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ सकता है। ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज से आवाजाही जारी है और अमेरिकी दबाव प्रभावी रहा है। दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर आगे की स्थिति बातचीत और दोनों देशों के अगले कदमों पर निर्भर करेगी।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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