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महाकाल से श्रीराम तक सनातन स्वाभिमान यात्रा, उज्जैन से अयोध्या तक 930 किमी पैदल चलेंगे-दिग्विजय सिंह

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर से उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से ‘सनातन स्वाभिमान पदयात्रा’ शुरू करेंगे। करीब 930 किलोमीटर लंबी यह यात्रा अयोध्या तक जाएगी। रास्ते में कई शहरों और कस्बों से गुजरते हुए लोगों से संवाद किया जाएगा। यात्रा में सनातन के साथ सत्य, सेवा, समानता, करुणा और सामाजिक सम्मान जैसे मुद्दों पर बात होगी।
महाकाल से श्रीराम तक सनातन स्वाभिमान यात्रा, उज्जैन से अयोध्या तक 930 किमी पैदल चलेंगे-दिग्विजय सिंह
सनातन स्वाभिमान पदयात्रा

गुना। महाकाल की नगरी उज्जैन से अयोध्या तक प्रस्तावित ‘सनातन स्वाभिमान पदयात्रा’ को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन इस यात्रा की शुरुआत करेंगे। यात्रा करीब 930 किलोमीटर की होगी और कई जिलों से गुजरते हुए अयोध्या पहुंचेगी। यात्रा प्रभारी सचिन वत्स ने इसका पूरा रूट साझा किया है। पदयात्रा के दौरान स्थानीय लोगों से मुलाकात और बातचीत के साथ सनातन के सामाजिक पक्ष पर चर्चा की जाएगी। यात्रा का समापन अयोध्या में रामलला के दर्शन के साथ होने की बात कही गई है।

महाकाल से शुरू होगा सफर

यात्रा की शुरुआत उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर से होगी। इसके बाद पदयात्री तराना, शाजापुर, सारंगपुर, खुजनेर और राजगढ़ की ओर बढ़ेंगे। आगे चाचौड़ा, आरोन, अशोकनगर और चंदेरी होते हुए यात्रा उत्तर प्रदेश की तरफ जाएगी। इस दौरान अलग-अलग जगहों पर लोगों से संवाद का कार्यक्रम रखा गया है।

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इन शहरों से होकर अयोध्या पहुंचेगी यात्रा

मध्यप्रदेश के बाद यात्रा तालबेहट, जेरोन और निवाड़ी जिले के ओरछा स्थित रामराजा मंदिर क्षेत्र से गुजरेगी। इसके बाद चिरगांव, उरई, कालपी, कानपुर देहात, लखनऊ देहात और बाराबंकी होते हुए पदयात्री अयोध्या पहुंचेंगे। पूरे सफर की दूरी करीब 930 किलोमीटर बताई गई है।

सनातन के सामाजिक पक्ष पर जोर

यात्रा प्रभारी सचिन वत्स के अनुसार, इस पदयात्रा का उद्देश्य सनातन को केवल पूजा या धार्मिक पहचान तक सीमित न मानकर उसके सामाजिक मूल्यों से जोड़ना है। यात्रा के दौरान सत्य, सेवा, करुणा, समानता और हर व्यक्ति के सम्मान जैसे विषयों पर बातचीत की जाएगी। कमजोर वर्ग के अधिकार और सम्मान को भी इस संदेश का हिस्सा बताया गया है।

धर्म और राजनीति की बहस के बीच यात्रा

देश में सनातन और राजनीति को लेकर चल रही बहस के बीच दिग्विजय सिंह की यह पदयात्रा अहम मानी जा रही है। यात्रा के जरिए यह बात रखने की कोशिश होगी कि धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और इंसान के सम्मान को भी महत्व मिलना चाहिए। उज्जैन से अयोध्या तक का यह सफर इसी विचार को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

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अयोध्या में रामलला के दर्शन से होगा समापन

करीब 930 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद दिग्विजय सिंह और पदयात्रियों के अयोध्या पहुंचने की योजना है। यहां रामलला के दर्शन के साथ यात्रा समाप्त होगी। महाकाल से शुरू होकर राम की नगरी तक पहुंचने वाली इस यात्रा को कांग्रेस की ओर से धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक संदेश से जोड़कर देखा जा रहा है।

EDIT BY: ADITI RAWAT

Rajkumar Rajak
By Rajkumar Rajak

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