CJP प्रदर्शन में मारपीट केस: स्वतंत्र भारद्वाज को कोर्ट से बड़ी राहत, शर्तों पर जमानत हुई पक्की

दिल्ली की एक अदालत ने जुलाई में हुए CJP प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति पर हमला करने के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत मंजूर कर ली है। उनके वकील उमेश चंद्र शर्मा ने इसकी जानकारी दी है। अब इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने और ट्रायल पूरा होने तक स्वतंत्र भारद्वाज जेल से बाहर रहेंगे।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला
स्वतंत्र भारद्वाज की जमानत याचिका मंगलवार को स्पेशल कोर्ट के सामने सुनवाई के लिए रखी गई थी। इस दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इसके बाद अदालत ने उनकी जमानत को बरकरार रखने का फैसला किया। स्वतंत्र भारद्वाज के वकील उमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि अदालत में जमानत को लेकर दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने स्वतंत्र की जमानत की पुष्टि कर दी।
दूसरे पक्ष ने हिरासत में पूछताछ की मांग की
बचाव पक्ष के वकील के मुताबिक, दूसरे पक्ष की ओर से अदालत में दलील दी गई थी कि स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया जाना चाहिए। साथ ही उनसे हिरासत में पूछताछ की जरूरत बताई गई थी। इसके जवाब में बचाव पक्ष ने अदालत के सामने अपनी बात रखी। वकील उमेश चंद्र शर्मा ने कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज ने अंतरिम जमानत के दौरान कोर्ट की ओर से लगाई गई किसी भी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है।
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वकील बोले- शर्तों का नहीं हुआ उल्लंघन
उमेश चंद्र शर्मा के मुताबिक, बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि अंतरिम जमानत के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज ने कोर्ट के सभी निर्देशों का पालन किया। उनके मुताबिक, इसी आधार पर अदालत ने अब उनकी जमानत को आगे भी जारी रखने का फैसला किया है। वकील ने कहा कि जमानत मिलने का मतलब है कि मामले में चार्जशीट दाखिल होने और ट्रायल पूरा होने तक स्वतंत्र भारद्वाज जेल से बाहर रहेंगे।
जुलाई के CJP प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला जुलाई में हुए CJP प्रदर्शन से जुड़ा है। स्वतंत्र भारद्वाज पर प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया था। इसी मामले में उन्हें हिरासत में लिया गया था और बाद में अदालत से अंतरिम जमानत मिली थी। अब कोर्ट ने उनकी जमानत को बरकरार रखते हुए उन्हें राहत दी है। फिलहाल मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी और ट्रायल के दौरान आरोपों पर अदालत में सुनवाई होगी।


















