प्रिंसिपल की हत्या की खौफनाक कहानी: 10वीं के छात्रों ने 27 बार चाकू गोदा, आखिरी शब्द ‘बाबू’ बना पुलिस के लिए बड़ा सुराग

तेलंगाना के नालगोंडा जिले के कोंडामल्लेपल्ली में स्कूल प्रिंसिपल कल्लू रूपा रेड्डी की हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस के मुताबिक, इस सनसनीखेज वारदात को 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले दो नाबालिग छात्रों ने अंजाम दिया था। दोनों छात्र एक ही हॉस्टल में रहते थे और महंगे फोन, बाइक और मौज-मस्ती के शौकीन थे। पुलिस का कहना है कि प्रिंसिपल ने दोनों को पैसे खर्च करने और उनके व्यवहार को लेकर फटकार लगाई थी। साथ ही उन्होंने छात्रों के परिजनों को उनकी शिकायत बताने की बात कही थी। इसी बात से नाराज होकर दोनों छात्रों ने प्रिंसिपल की हत्या की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, हत्या से करीब एक सप्ताह पहले दोनों ने इलाके की रेकी भी की थी।
घर में घुसे और प्रिंसिपल पर किया हमला
पुलिस के मुताबिक, घटना इसी महीने की 11 तारीख को हुई। दोनों छात्रों ने पहले से हत्या की तैयारी कर रखी थी। वारदात वाले दिन उन्होंने कोंडामल्लेपल्ली में अपने कपड़े बदले और चाकू व दस्ताने खरीदे। प्रिंसिपल के घर के सामने CCTV कैमरे लगे थे। इसलिए दोनों ने सामने से जाने के बजाय पीछे के रास्ते से घर में प्रवेश किया। उनका मकसद घर से पैसे चोरी करना भी था। लेकिन घर में प्रिंसिपल ने दोनों को पहचान लिया। पुलिस के मुताबिक, पहचान उजागर होने के डर से दोनों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। आरोप है कि छात्रों ने रूपा रेड्डी पर करीब 27 बार चाकू से वार किया। गंभीर हमले में उनकी मौत हो गई। इसके बाद दोनों घर से कैश और उनका मोबाइल फोन लेकर पीछे के रास्ते से फरार हो गए।
आखिरी शब्द ‘बाबू’ बना जांच की सबसे बड़ी कड़ी
इस हत्याकांड में पुलिस को एक ऐसा सुराग मिला, जिसने पूरी जांच की दिशा बदल दी। हत्या से पहले रूपा रेड्डी ने अपनी मौसी से फोन पर बात की थी। बातचीत के दौरान उनका आखिरी शब्द ‘बाबू’ था। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया। शुरुआत में पुलिस के लिए यह शब्द सामान्य लग सकता था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर यही शब्द बेहद महत्वपूर्ण बन गया। पुलिस को जानकारी मिली कि स्कूल में छात्रों को आमतौर पर ‘बाबू’ कहकर संबोधित किया जाता था। इसके बाद जांच का फोकस स्कूल के छात्रों की ओर गया। पुलिस ने करीब 13 छात्रों को जांच के दायरे में लिया। इनमें से पांच छात्रों से पूछताछ की गई। इसके बाद 10वीं कक्षा के दो छात्रों पर पुलिस का शक गहराता गया।
अचानक खूब पैसे खर्च करने लगे थे दोनों छात्र
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि दोनों छात्र अचानक काफी पैसे खर्च कर रहे थे। वे महंगे सामान खरीदने और मौज-मस्ती में पैसे उड़ाने लगे थे। पुलिस के मुताबिक, दोनों सोशल मीडिया और YouTube पर आसान तरीके से पैसा कमाने के तरीकों की तलाश भी कर रहे थे। उन्हें महंगा फोन, बाइक और लग्जरी लाइफस्टाइल का शौक था। इसी बीच पुलिस ने दोनों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। CCTV फुटेज की जांच में भी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। जब दोनों छात्रों को डोनियाला X-रोड के पास बाइक से आते समय हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो उनके पास से 1.54 लाख रुपये कैश बरामद हुए।
500 रुपए के नोटों पर मिले खून के निशान
मामले में एक और चौंकाने वाला सबूत पुलिस के हाथ लगा। बरामद रकम में 500 रुपए के तीन नोटों पर खून के धब्बे पाए गए। इसके बाद पुलिस का शक और मजबूत हो गया। पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार, दोनों छात्रों ने प्रिंसिपल की हत्या और घर से पैसे चोरी करने की बात कबूल की।जांच में यह भी सामने आया कि दोनों एक ही हॉस्टल के कमरे में रहते थे। उनके बैग से एक फोन और कुछ पैसे भी मिले थे। इसी वजह से पहले प्रिंसिपल ने उन्हें डांटा था और उनके व्यवहार की जानकारी परिवार को देने की चेतावनी दी थी।
पहले से की थी हत्या की तैयारी
पुलिस के मुताबिक, दोनों छात्रों ने वारदात अचानक नहीं की थी। उन्होंने करीब एक सप्ताह पहले प्रिंसिपल के घर और आसपास के इलाके की रेकी की थी। उन्होंने CCTV कैमरों की स्थिति पर भी ध्यान दिया। इसके बाद हत्या वाले दिन उन्होंने कपड़े बदले, चाकू और दस्ताने खरीदे और पीछे के रास्ते से घर में दाखिल हुए। पुलिस का कहना है कि दोनों का उद्देश्य पैसे चोरी करना था, लेकिन प्रिंसिपल ने उन्हें पहचान लिया। इसके बाद मामला हत्या तक पहुंच गया।
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पुलिस ने 70 से ज्यादा CCTV खंगाले
इस केस को सुलझाने के लिए नालगोंडा पुलिस ने बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाया। जिले के पुलिस अधीक्षक सरथ चंद्र पवार ने मामले को चुनौती के तौर पर लेते हुए देवरकोंडा DSP के नेतृत्व में पांच विशेष टीमें बनाई थीं। जांच में फोरेंसिक सबूत, फिंगरप्रिंट, डॉग स्क्वॉड, CCTV फुटेज और तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने करीब 30 किलोमीटर के इलाके में 70 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा 80 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ की गई।
आरोपियों से क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से कई अहम चीजें बरामद की गई हैं। इनमें 1.54 लाख रुपये कैश, मृतक प्रिंसिपल का मोबाइल फोन, करीब 60 हजार रुपये में खरीदा गया एक iPhone, हत्या में इस्तेमाल चाकू, दस्ताने, मास्क और दो मोबाइल फोन शामिल हैं। इन बरामद चीजों और CCTV समेत अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने दोनों छात्रों को गिरफ्तार कर लिया।
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एक शब्द से शुरू हुई जांच, आरोपियों तक पहुंची पुलिस
रूपा रेड्डी की हत्या ने पूरे इलाके को हिला दिया था। लेकिन इस बेहद गंभीर मामले में उनका आखिरी शब्द ‘बाबू’ पुलिस के लिए ऐसी कड़ी बना, जिसने जांच को सही दिशा में पहुंचाया। इसके बाद छात्रों की गतिविधियों, CCTV फुटेज, कैश, खून के निशान और दूसरे तकनीकी सबूतों को जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पुलिस के अनुसार, दो नाबालिग छात्रों ने कथित तौर पर मौज-मस्ती और पैसे की चाह में पहले चोरी की योजना बनाई और फिर प्रिंसिपल की पहचान सामने आने के बाद उनकी बेरहमी से हत्या कर दी।













