CG NEWS:टेंडर खुलते ही लीक हुईं करोड़ों की बोलियां, NRDA की ई-टेंडरिंग पर उठे बड़े सवाल

PREM KUMAR RAPIUR नवा रायपुर में करीब 800 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी टाउन डेवलपमेंट स्कीम (TDS) की निविदा प्रक्रिया तकनीकी गड़बड़ी के कारण रद्द कर दी गई है। ई-टेंडरिंग के दौरान तकनीकी और वित्तीय बोलियां एक साथ खुलने से कंपनियों की दरें सार्वजनिक हो गईं, जिससे पूरी प्रक्रिया की गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं परियोजना के बदले लगभग 5,000 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन देने के प्रस्ताव ने भी नए विवाद को जन्म दे दिया है।
ये भी पढ़ें: CG NEWS: 50 करोड़ के जूते-चप्पल टेंडर पर हाईकोर्ट की रोक, वन विभाग की खरीद प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
800 करोड़ की परियोजना पर लगा ब्रेक
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) ने लगभग 800 करोड़ रुपये की टाउन डेवलपमेंट स्कीम (टीडीएस) की निविदा प्रक्रिया रद्द कर दी है। करीब 1,100 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना में तकनीकी प्रक्रिया के दौरान हुई गंभीर चूक के बाद यह फैसला लिया गया।
तकनीकी और वित्तीय बिड एक साथ खुली
टू-स्टेज टेंडर प्रक्रिया के तहत पहले तकनीकी बोली और उसके बाद वित्तीय बोली खोली जानी थी, लेकिन ई-टेंडरिंग सिस्टम में कवर-ए और कवर-बी एक साथ खुल गए। इससे कंपनियों की वित्तीय दरें तकनीकी पात्रता की जांच से पहले ही सामने आ गईं।
ये भी पढ़ें: CG NEWS: बिलासपुर में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम की तैयारी तेज, गृहमंत्री विजय शर्मा के संकेत से बढ़ी हलचल
सोशल मीडिया तक पहुंच गईं कंपनियों की दरें
वित्तीय बोलियां खुलते ही कंपनियों के कोटेशन इंटरनेट और सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। इससे ई-टेंडरिंग प्रक्रिया की गोपनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठे। इसके बाद एनआरडीए ने पूरी निविदा प्रक्रिया को निरस्त करने का निर्णय लिया।
तकनीकी खामी बनी बड़ी वजह
एनआरडीए अधिकारियों के मुताबिक कुछ कंपनियों ने तकनीकी दस्तावेजों के साथ वित्तीय प्रस्ताव भी अपलोड कर दिए थे। इस बार अलग 'इन्वेलप-सी' का प्रावधान नहीं होने के कारण सिस्टम में दोनों प्रस्ताव एक साथ दिखाई देने लगे, जिससे पूरी प्रक्रिया प्रभावित हुई।
5,000 करोड़ की सरकारी जमीन पर भी सवाल
निविदा समिति ने परियोजना के एवज में अधिकतम 232.35 एकड़ सरकारी जमीन डेवलपर को देने का प्रस्ताव रखा था। एनआरडीए के अनुमान के अनुसार इस जमीन का बाजार मूल्य करीब 5,000 करोड़ रुपये है। ऐसे में 800 करोड़ रुपये की परियोजना के बदले इतनी मूल्यवान सरकारी जमीन देने के प्रस्ताव पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अधिकारियों की भूमिका पर उठी जांच की मांग
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी परियोजना में टेंडर प्रक्रिया की तकनीकी खामी और जमीन आवंटन के प्रस्ताव की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। अब निविदा तैयार करने वाले अधिकारियों और समिति की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।
एनआरडीए का आधिकारिक बयान
एनआरडीए के सीईओ चंदन कुमार ने कहा कि तकनीकी कारणों से कवर-ए और कवर-बी एक साथ खुल गए थे। मामले की तकनीकी जांच कराई गई है। पूरी निविदा प्रक्रिया रद्द कर दी गई है और जल्द ही नई निविदा जारी की जाएगी।












