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भोपाल में पंचायत प्रतिनिधियों की कार्यशाला शुरू :‘कुआं प्यासे के पास आया है’, सीएम बोले- गांवों में बसती है भारत की आत्मा

भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सोमवार से पंचायत प्रतिनिधियों की तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका उद्घाटन किया और घोषणा की कि जिला व जनपद पंचायत उपाध्यक्षों द्वारा किए जाने वाले स्कूल निरीक्षण अब दर्ज और प्रभावी होंगे।
‘कुआं प्यासे के पास आया है’, सीएम बोले- गांवों में बसती है भारत की आत्मा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सोमवार से त्रि-स्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों की तीन दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका उद्घाटन किया। इस दौरान पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल और राज्य मंत्री राधा सिंह भी मौजूद रहे। कार्यशाला का उद्देश्य पंचायतों को अधिक अधिकारयुक्त और आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित है।

    जिला-जनपद उपाध्यक्ष अब करेंगे स्कूल निरीक्षण

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिले और जनपद पंचायत के उपाध्यक्षों द्वारा किए जाने वाले स्कूल निरीक्षण अब औपचारिक नहीं बल्कि दर्ज और प्रभावी होंगे। निरीक्षण में बताई गई कमियों पर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

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    कार्यशाला में खुला संवाद मॉडल अपनाया जाएगा

    सीएम ने कहा- धीरे-धीरे सब होगा, जल्दबाजी की जरूरत नहीं। पहली बार ऐसा अवसर आया है जब प्रतिनिधि सीधे इस मंच पर अपने विचार रखेंगे। उन्होंने आशा जताई कि चर्चा के दौरान पंचायत व्यवस्था की समस्याओं का व्यावहारिक समाधान निकलेगा।

    मुख्यमंत्री ने भारतीय परंपरा, पंचायती राज और स्वशासन की अवधारणा पर बात करते हुए कहा कि भारत में प्राचीन काल से समाजिक इकाइयों को स्वशासन की स्वतंत्रता रही है। उन्होंने कहा- कानून बाद में आया, लेकिन सामाजिक नेतृत्व और निर्णय व्यवस्था पहले से थी।

    चंद्रमा, जल और मानसिक प्रभाव पर चर्चा

    सीएम ने भाषण के दौरान प्रकृति और मानव शरीर के संबंधों का उदाहरण देते हुए कहा कि चंद्रमा का प्रभाव जल पर होता है और मानव शरीर में 70% जल होने से मानसिक स्थिति पर उसका प्रभाव स्वाभाविक माना जाता है।

    पंचायत मंत्री बोले- अधिकार बनाम कर्तव्य में समन्वय जरूरी

    पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि पंचायत मॉडल मूल रूप से समाज और सरकार की साझेदारी पर आधारित है। उन्होंने प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी और समन्वय के साथ काम करने की सलाह दी। अधिकार और कर्तव्य की बहस कई बार संघर्ष में बदल जाती है, इसे बदलना होगा।

    कार्यशाला में ये विषय होंगे शामिल

    • स्वनिर्भर पंचायत मॉडल
    • जल संरक्षण और जल प्रबंधन
    • पीएम आवास, ग्रामीण सड़कें, पोषण एवं पेयजल
    • पेसा नियमों का क्रियान्वयन
    • प्रशासनिक दक्षता और वित्तीय सुदृढ़ीकरण

    यह कार्यशाला 26 नवंबर तक चलेगी।

    उत्कृष्टकार्य करने वाले जिलों को सम्मान

    कार्यक्रम में "जल गंगा संवर्धन अभियान" और "खेत तालाब योजना" में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों और जनपदों को सम्मानित किया गया।

    • खंडवा प्रथम, रायसेन द्वितीय और बालाघाट तीसरे स्थान पर रहे।
    • खेत तालाब श्रेणी में अनूपपुर और बालाघाट को सम्मान मिला।
    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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