Health:आखिर क्यों होती है हवा से आंखों में जलन, जानें वजह और उपाय

हेल्थ डेस्क। देश में प्रदूषण की समस्या इतनी बढ़ गई है कि आए दिन लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खराब हवा के कारण लोगों में अस्थमा, आंखों में जलन , गला खराब होना जैसी बीमारियां फैलने लगती हैं।
कई बिमारियों का रहता है खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदूषित हवा कई प्रकार से सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। वायु प्रदूषण से फेफड़ों से संबंधित कई बीमारियां होती हैं। इसके साथ ही मस्तिष्क, हृदय सहित कई अन्य समस्याएं बढ़ने लगती हैं। बढ़ते प्रदूषण के कारण कई बीमारियां शुरू हो गई हैं, जिसमें आंखों में जलन और चुभन जैसी समस्या बहुत आम है।
क्यों खराब हवा से होती हैं आखों में जलन?
प्रदूषित हवा के कारण आंखों में काफी समय तक परेशानी रहती है। डॉक्टरों का मानना है कि जब हवा में मौजूद सूक्ष्म कण PM2.5 आंखों में पहुंचते हैं, तो इससे कॉर्निया में सूजन, जलन, खुजली और लालिमा जैसी दिक्कतें होने लगती हैं। बच्चों और बुजुर्गों में ये दिक्कतें और भी ज्यादा देखने को मिलती हैं, क्योंकि उनकी आंखें अधिक संवेदनशील होती हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि प्रदूषण से होने वाली आंखों की समस्याओं को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि लंबे समय तक इसका असर आपकी दृष्टि पर पड़ सकता है। हालांकि, थोड़ी सी सावधानी बरतकर आप इस परेशानी को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
आखों की समस्याओं से बचने के उपाय
- प्रदूषण से आंखों को स्वस्थ रखने के लिए दिन में करीब 2 से 3 बार आंखों को धोएं। इससे आंखों को राहत मिलती है और आंखें साफ भी हो जाती हैं।
- प्रदूषण के कारण अगर आंखों में जलन-चुभन हो रही है तो आंखों को बार-बार रगड़ें नहीं, इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टर की सलाह से आर्टिफिशियल टीयर्स या किसी ड्रॉप का इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि आंखें नम बनी रहें और सूखापन न हो।
- प्रदूषण के कारण हवा में नमी कम हो जाती है, जिससे आंखों में सूखापन होने लगता है। इससे बचने के लिए घर में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें। यह हवा में नमी बनाए रखता है और आंखों की नमी संतुलित रखता है।
- प्रदूषण के कणों को आंखों तक पहुंचने से रोकने के लिए प्रदूषण भरी हवा में बाहर निकलते समय हमेशा सनग्लासेस पहनें।





















