मौसम में ठंडक बढ़ते ही वायरल निमोनिया का प्रकोप, मरीजों की फूल रही सांस

ग्वालियर। मौसम में अचानक आई ठंडक का असर अब लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। शहर में वायरल संक्रमण के साथ निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सरकारी अस्पतालों के मेडिसिन विभाग में आने वाले करीब 15 से 20 फीसदी मरीजों में वायरल संक्रमण के साथ निमोनिया के लक्षण मिल रहे हैं। सांस लेने में परेशानी के कारण कुछ मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट और गंभीर स्थिति में आईसीयू में भर्ती करना पड़ रहा है। इससे अस्पतालों के आईसीयू पर दबाव बढ़ गया है।
जेएएच और मुरार अस्पताल में बढ़े सांस के मरीज
जेएएच के हजार बिस्तर अस्पताल और जिला अस्पताल मुरार के मेडिसिन विभाग में वायरल संक्रमण और सांस संबंधी परेशानी वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों के अनुसार मौसम में बदलाव के दौरान वायरल संक्रमण तेजी से फैल सकता है। बुखार, खांसी और सर्दी के साथ कुछ मरीजों में संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचने पर निमोनिया की स्थिति बन रही है। पहले से सांस की बीमारी से पीड़ित मरीजों में परेशानी अधिक बढ़ रही है।

100 पलंग पर 115 मरीज भर्ती
जिला अस्पताल मुरार के मेडिसिन विभाग में करीब 100 पलंग की क्षमता के मुकाबले 115 मरीज भर्ती हैं। यानी क्षमता से करीब 15 फीसदी अधिक मरीजों का उपचार चल रहा है। इनमें कई मरीजों को सांस लेने में परेशानी के कारण ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ रही है।
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ठीक होने में लग रहा एक सप्ताह
डॉक्टरों के अनुसार वायरल निमोनिया के सामान्य मरीजों को ठीक होने में करीब एक सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है। उम्र, रोग प्रतिरोधक क्षमता और पहले से मौजूद बीमारियों के आधार पर बीमारी की गंभीरता अलग-अलग हो सकती है। करीब एक से दो फीसदी मरीजों में स्थिति गंभीर होने की बात डॉक्टरों ने कही है।
ओपीडी में 3800 मरीज पहुंचे
सोमवार को अस्पतालों की ओपीडी में करीब 3800 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें मेडिसिन विभाग में 690 मरीजों ने उपचार कराया। डॉक्टरों के अनुसार बुखार, सर्दी, खांसी और सांस संबंधी शिकायत वाले मरीजों की संख्या अधिक है।
बच्चों में भी बढ़े वायरल संक्रमण के मामले
बच्चों में डेंगू का प्रकोप कम होने के साथ वायरल संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले चार-पांच दिनों में अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या में करीब 35 फीसदी तक वृद्धि देखी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चों में फिलहाल डेंगू और मलेरिया की तुलना में वायरल संक्रमण के लक्षण अधिक दिखाई दे रहे हैं।
स्वाइन फ्लू के भी 12 से अधिक मरीज
शहर में स्वाइन फ्लू के मामले भी सामने आ रहे हैं। इस सीजन में अब तक 12 से अधिक मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने की जानकारी है, जबकि उपचार के दौरान एक मरीज की मौत भी हो चुकी है। डॉक्टर लोगों को वायरल संक्रमण के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दे रहे हैं।
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वायरल निमोनिया के प्रमुख लक्षण
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बुखार और ठंड लगना
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लगातार या बढ़ती हुई खांसी
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गले में खराश या जुकाम
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सांस लेने में परेशानी या सांस फूलना
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सीने में दर्द या भारीपन
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अत्यधिक कमजोरी और थकान
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बच्चों में तेज सांस चलना, दूध या खाना कम लेना और सुस्ती
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मौसम में परिवर्तन के कारण वायरल निमोनिया के मरीज बढ़े
डॉ. अजय पाल, मेडिसिन रोग विशेषज्ञ, जेएएच ने बताया कि मौसम में परिवर्तन के कारण वायरल निमोनिया के मरीज बढ़े हैं। मेडिसिन विभाग में करीब 15 से 20 फीसदी केस इस प्रकार के आ रहे हैं। सांस लेने में दिक्कत के कारण कुछ मरीजों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ रहा है, जिससे आईसीयू पर लोड बढ़ा है। डॉ. मुकेश तोमर, मेडिसिन रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल मुरार के अनुसार इन दिनों वायरल के मरीज आ रहे हैं। जिन लोगों को पहले से सांस की शिकायत थी, उनकी सांस उखड़ रही है और ऐसे मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखना पड़ रहा है। मेडिसिन विभाग में करीब 100 पलंग हैं, जबकि 115 मरीज भर्ती हैं। सभी पलंग फुल चल रहे हैं।




















