कटनी में गौशाला में मवेशियों की मौत पर बवाल: कांग्रेस ने निगम का घेराव किया, गेट फांदकर अंदर घुसे कार्यकर्ता

कटनी। अमीरगंज गौशाला में भूख-प्यास से मवेशियों की मौत का वीडियो सामने आने के बाद सोमवार को मामला गरमा गया। कांग्रेस और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष यश लखन घनघोरिया के नेतृत्व में हुआ। इसका संचालन प्रदेश सचिव दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ और जिलाध्यक्ष मोहम्मद इसराइल ने किया।
नकली नोटों से भरा सूटकेस लेकर पहुंचे कार्यकर्ता
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अलग अंदाज में विरोध जताया। कार्यकर्ता नकली नोटों की गड्डियों से भरा सूटकेस लेकर नगर निगम पहुंचे और इसे नगर सरकार को सौंपने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने निगम प्रशासन पर भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोप लगाए। पुलिस ने निगम परिसर के मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। इसके बावजूद कुछ प्रदर्शनकारी गेट फांदकर परिसर के अंदर दाखिल हो गए। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई।
मटका फोड़ा, महापौर के खिलाफ नारेबाजी
नगर निगम परिसर में पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मटका फोड़कर विरोध जताया। उन्होंने महापौर प्रीति सूरी और निगम अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हंगामे के कारण करीब आधे घंटे तक नगर निगम का कामकाज प्रभावित रहा। परिसर में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
प्रदर्शनकारियों ने रखीं ये मांगें
कांग्रेस और युवा कांग्रेस ने गौशाला की व्यवस्था को लेकर कई मांगें रखीं। दोषियों पर FIR की मांग: प्रदर्शनकारियों ने गौशाला प्रभारी संजय सोनी, स्वास्थ्य अमले और ड्यूटी से नदारद रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की।
जिम्मेदारी तय करने की मांग: कार्यकर्ताओं ने चारे-पानी के बजट में कथित अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की। साथ ही महापौर और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। गौशाला की व्यवस्था सुधारने की मांग: गौशाला में मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा-पानी, नियमित स्वास्थ्य जांच और साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने कीमांग की गई।
48 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मवेशियों की मौत से जुड़े मामले में प्रशासन की ओर से जांच और आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।




















