Durg Bhilai:टॉयलेट नहीं मिला तो सड़क पर बैठे छात्र, शिक्षा मंत्री के गृह जिले में स्वामी आत्मानंद स्कूल की व्यवस्था पर उठे सवाल

दुर्ग भिलाई: दुर्ग जिले के सेलूद स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में शौचालय की पर्याप्त सुविधा नहीं होने से नाराज करीब 200 छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को दुर्ग-पाटन मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सुबह करीब 9 बजे शुरू हुए प्रदर्शन से करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। छात्राओं ने शौचालय की समस्या को अपनी सबसे बड़ी परेशानी बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। सूचना पर पहुंचे पाटन तहसीलदार ने स्कूल का निरीक्षण कर जल्द शौचालय निर्माण का आश्वासन दिया, जिसके बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त किया।
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शौचालय की मांग पर सड़क पर छात्र
छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के गृह जिले दुर्ग में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। सेलूद स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय के करीब 200 छात्र-छात्राएं लंबे समय से शौचालय की पर्याप्त सुविधा नहीं होने से परेशान हैं। मंगलवार को समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज विद्यार्थियों ने दुर्ग-पाटन मुख्य मार्ग के बजरंग चौक पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

सुबह 9 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन
छात्रों का प्रदर्शन सुबह करीब 9 बजे शुरू हुआ। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के सड़क पर बैठने से मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने अधिकारियों और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को मौके पर बुलाने की मांग की।

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छात्राओं ने बताई सबसे बड़ी परेशानी
प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना था कि स्कूल में पर्याप्त शौचालय नहीं होने से उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। विद्यार्थियों के मुताबिक, समस्या को लेकर कई बार शिकायत और मांग की जा चुकी है, लेकिन लंबे समय बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। आखिरकार परेशान होकर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा।
तहसीलदार मौके पर पहुंचे
मामले की सूचना मिलने के बाद पाटन तहसीलदार रसतोगी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की और स्कूल परिसर का निरीक्षण भी किया। प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को जल्द शौचालय निर्माण कराने का आश्वासन दिया गया। आश्वासन मिलने के बाद छात्रों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।

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‘उत्कृष्ट’ स्कूल में बुनियादी सुविधा पर सवाल
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मॉडल के तौर पर विकसित किया गया है। ऐसे में स्कूल में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा के लिए विद्यार्थियों का सड़क पर उतरना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। खासतौर पर मामला शिक्षा मंत्री के गृह जिले से जुड़ा होने के कारण इसकी चर्चा और बढ़ गई है।

बाउंड्रीवॉल की समस्या भी बरकरार
सेलूद के उपसरपंच राकेश साहू के मुताबिक, विद्यार्थियों ने लंबे समय से स्कूल में शौचालय की मांग की है। उन्होंने बताया कि स्कूल में बाउंड्रीवॉल की समस्या भी है। अधिकारियों की ओर से करीब 10 दिन में समाधान का आश्वासन दिया गया है।
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समय पर काम नहीं हुआ तो फिर आंदोलन
उपसरपंच ने कहा कि अगर तय समय में निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो छात्र दोबारा आंदोलन कर सकते हैं। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया है, लेकिन अब विद्यार्थियों की नजर इस बात पर है कि शौचालय और बाउंड्रीवॉल से जुड़ी समस्या का समाधान वास्तव में कब शुरू होता है।

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धमधा में भी उठ चुके हैं सवाल
दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र में भी शिक्षकों की कमी को लेकर छात्र पहले सड़क पर उतर चुके हैं। ऐसे में जिले में शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी बुनियादी समस्याओं का बार-बार सामने आना प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है।





















