INDIA ब्लॉक का मॉक महाभियोग एक दिन टला, अब कल खड़गे के घर जुटेंगे विपक्षी नेता

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक का 'पब्लिक इम्पीचमेंट' कार्यक्रम एक दिन के लिए टाल दिया गया है। पहले यह कार्यक्रम 30 अक्टूबर को होना था, लेकिन अब इसे 31 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर दोपहर 3:30 बजे से होने वाले इस कार्यक्रम में INDIA ब्लॉक के सांसद और नेता शामिल होंगे। विपक्ष ने इसे 'ज्ञानेश कुमार का पब्लिक इम्पीचमेंट' नाम दिया है। यह कार्यक्रम वोट चोरी और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्ष के विरोध का हिस्सा है।
मीरा कुमार करेंगी कार्यक्रम की अध्यक्षता
कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार करेंगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव पेश करेंगे। इसके बाद राहुल गांधी अपनी बात रखेंगे। आखिर में प्रस्ताव पारित किया जाएगा। INDIA ब्लॉक के प्रत्येक दल की ओर से भी एक नेता के संबोधन की संभावना है।
गुरुवार को खड़गे के आवास पर हुई थी बैठक
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर गुरुवार को विपक्षी दलों के नेताओं ने खड़गे के आवास पर बैठक की थी। इसमें कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल, मीरा कुमार, टीएमसी के डेरेक ओब्रायन, समाजवादी पार्टी के हरेंद्र मलिक, जेएमएम की महुआ माजी और सीपीआई(एम) के जॉन ब्रिटास समेत कई नेता शामिल हुए थे।
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा विपक्ष
कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के अन्य दल विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है। उनका आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के दौरान गड़बड़ियां हुई हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने संविधान की भावना का उल्लंघन किया है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि ज्ञानेश कुमार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने गलत बातें रखीं। ये सभी विपक्षी दलों के आरोप हैं।
कांग्रेस ने कार्यक्रम की अनुमति नहीं मिलने का किया था दावा
कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया था कि उसे मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ 'पब्लिक इम्पीचमेंट' कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई। पार्टी ने आरोप लगाया था कि सरकार आम लोगों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। अब विपक्षी दलों ने कार्यक्रम को एक दिन आगे बढ़ाकर 31 अक्टूबर को आयोजित करने का फैसला किया है।




















