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Ashes Test :उस्मान ख्वाजा के टीम मैनेजमेंट पर आरोप, बोले- कई बार दोहरा बर्ताव झेला, पाकिस्तानी मुस्लिम होने के चलते अलग नजर से देखा

ख्वाजा ने यह भी खुलासा किया कि टीम के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड चाहते थे कि वह आगे भी खेलना जारी रखें। यहां तक कि 2027 में भारत दौरे को लेकर भी चर्चा हुई थी, लेकिन अच्छे ले सोच-विचार के बाद उन्होंने अपने फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया। 
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उस्मान ख्वाजा के टीम मैनेजमेंट पर आरोप, बोले- कई बार दोहरा बर्ताव झेला, पाकिस्तानी मुस्लिम होने के चलते अलग नजर से देखा
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    स्पोर्ट्स डेस्क। ऑस्ट्रेलिया के बाएं हाथ के ओपनिंग बैटर उस्मान ख्वाजा का एशेज का 5 टेस्ट करियर का अंतिम टेस्ट होगा। वे इसके बाद टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह देंगे। इससे पहले उन्होंने टीम मैनेजमेंट पर नस्लीय भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। उस्मान कहते हैं वे एक पाकिस्तानी  मुस्लिम है इस कारण उन्हें हर बार थोड़ी अलग नजर से देखा गया। 

    जब भी मैं चोटिल हुआ मेरी 5 दिनों तक...

    ख्वाजा ने कहा कि उन्हें अपनी पूरी जिंदगी नस्लीय भेदभाव और स्टीरियोटाइप्स का सामना करना पड़ा है। वे बताते हैं कि,“मुझे अक्सर पाकिस्तानी, वेस्ट इंडियन या फिर स्वार्थी, मेहनत न करने वाला और टीम की परवाह न करने वाला बताया जाता है। यह सब मैंने अपनी पूरी जिंदगी झेला है।”

    उन्होंने अपने इंजर्ड फेज के दौरान होने वाली घटनाओं का भी उल्लेख किया। ख्वाजा कहते हैं जब वह चोटिल हुए थे, तब भी उन्हें लगातार निशाना बनाया गया और मैच खेलने से रोका गया।

    ख्वाजा बताते हैं-

    “जब मैं चोटिल हुआ, तो लगातार पांच दिनों तक मेरी आलोचना होती रही। मुझे आलसी, गैर-जिम्मेदार और टीम के लिए न खेलने वाला बताकर पेश किया गया। ये सभी बातें नस्लीय स्टीरियोटाइप्स का ही हिस्सा हैं।

    मेरी चोट को बताया गोल्फ का कारण- ख्वाजा

    इतना ही नहीं ख्वाजा ने पर्थ टेस्ट से पहले गोल्फ खेलने और एक वैकल्पिक ट्रेनिंग सत्र में शामिल न होने को लेकर हुई आलोचना का भी जिक्र किया। वे बताते हैं कि कुछ लोगों ने उनकी चोट के लिए सीधे तौर पर गोल्फ खेलने को जिम्मेदार ठहरा दिया, जो पूरी तरह अनुचित था। उन्होंने कहा कि यह आलोचना सिर्फ खेल से जुड़ी नहीं थी, बल्कि उसमें नस्लीय सोच और दोहरे मापदंड साफ नजर आते हैं।

    ख्वाजा ने कहा, “मैं दर्जनों ऐसे उदाहरण दे सकता हूं, जहां खिलाड़ी मैच से पहले गोल्फ खेलते हैं और चोटिल हो जाते हैं, लेकिन उन पर कोई सवाल नहीं उठता। कई खिलाड़ी मैच से पहले 15 बीयर तक पी लेते हैं, फिर भी इसे कोई मुद्दा नहीं बनाता, क्योंकि उन्हें ‘ऑस्ट्रेलियन लैरिकिन्स’ कहा जाता है। लेकिन जब मैं चोटिल हुआ, तो मेरी साख और प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए गए।”

    परिवार की मौजूदगी में किया रिटायरमेंट का ऐलान

    संन्यास की घोषणा के दौरान ख्वाजा के साथ उनकी पत्नी रेचल, बच्चे और परिवार के अन्य सदस्य भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि वह इस फैसले पर काफी समय से विचार कर रहे थे।

    ख्वाजा बोले,“इस सीरीज में शामिल होते वक्त ही मुझे महसूस हो गया था कि यह मेरी आखिरी सीरीज हो सकती है। पत्नी के साथ लंबी बातचीत के बाद लगा कि अब संन्यास लेने का सही समय आ गया है। मैं खुश हूं कि SCG जैसे ऐतिहासिक मैदान पर अपनी शर्तों पर संन्यास ले पा रहा हूं।”

    कोच की इच्छा आगे भी खेल जारी रखू- ख्वाजा

    ख्वाजा ने यह भी खुलासा किया कि टीम के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड चाहते थे कि वह आगे भी खेलना जारी रखें। यहां तक कि 2027 में भारत दौरे को लेकर भी चर्चा हुई थी, लेकिन गहन सोच-विचार के बाद उन्होंने अपने फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और अब वह अपने परिवार के साथ समय बिताने और जीवन के अगले अध्याय की ओर बढ़ने को लेकर संतुष्ट हैं।

    Aakash Waghmare
    By Aakash Waghmare

    आकाश वाघमारे | MCU, भोपाल से स्नातक और फिर मास्टर्स | मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के तौर पर 3 वर्षों का क...Read More

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