World Rapid Championship :दुनिया के नं.1 चेस चैंपियन कार्लसन ने फिर टेबर पर पटका हाथ, भारत के अर्जुन एरिगैसी से हारे

स्पोर्ट्स डेस्क। दुनिया के नं.1 शतरंज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन अक्सर अपने मैचों के दौरान काफी गुस्सा होते हुए दिखाई देते हैं। जिसमें अक्सर वे चेस टेबल को जोर से पटकना, शतरंज के मोहरो को फेंक देते हैं। कार्लसन अपने इसी व्यवहार को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में है। दोहा में चल रही वर्ल्ड रैपिड चेस चैंपियनशिप में कार्लसन भारतीय चेस प्लेयर अर्जुन एरिगैसी से अपना मुकाबला गंवा बैठे।
गुस्से से टेबल पर पटका हाथ
दरअसल वे अर्जुन एरिगैसी से हारने के बाद अपना आपा एक बार फिर खो बैठे। मैच हारते ही उन्होंने टेस टेबल पर गुस्से से अपना हाथ पटका। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बता दें कार्लसन के इस रिएक्शन वाला वीडियो फिडे और चेस कम्युनिटी के ऑफिशियल एक्स हैंडल पर भी शेयर किया गया है।
कैमरामैन को दिया धक्का
वहीं इस घटना से पहले कार्लसन ने ब्लिट्स टूर्नामेंट में रूस के व्लादिस्लाव आर्टेमिएव से भी अपना मैच हार गए थे। बाहर जाते वक्त उन्होंने कैमारामैन को धक्का मारा था। जहां इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था। यह घटना 27 दिसंबर की है जहां राउंड-7 की 15वीं चाल के समय कार्लसन से बड़ी चूक हुई थी। इस गलती का फायदा उठाते हुए विपक्षी खिलाड़ी आर्टेमिएव ने मैच अपने नाम किया था।
नार्वे चेस में भारत का दमदार प्रदर्शन
नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में भारतीय शतरंज खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिल रहा है। 2 जून को खेले गए छठे राउंड में 18 वर्षीय ग्रैंडमास्टर डी. गुकेश ने वर्ल्ड नंबर-1 मैग्नस कार्लसन को हराकर बड़ा उलटफेर किया। यह क्लासिकल चेस में कार्लसन के खिलाफ गुकेश की पहली जीत रही।
गुकेश से हार के बाद फूटा गुस्सा
वहीं गुकेश से हार के बाद मैग्नस कार्लसन काफी निराश नजर आए। मुकाबले के तुरंत बाद उन्होंने गुस्से में चेस बोर्ड पर मुक्का मार दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कार्लसन की यह प्रतिक्रिया उनकी निराशा को साफ तौर पर दिखाती है।
अर्जुन एरिगैसी का शानदार खेल जारी
इस टूर्नामेंट में वर्ल्ड नंबर-5 अर्जुन एरिगैसी ने भी शानदार खेल दिखाया है। अर्जुन रैपिड कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं। 22 साल के अर्जुन इस साल अलग-अलग फॉर्मेट में मैग्नस कार्लसन को कई बार हरा चुके हैं, जिसे भारतीय शतरंज के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।











