Shivani Gupta
2 Jan 2026
रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में JPL कोयला खदान के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसक झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ दिए और उसे करीब आधा किमी तक दौड़ाया। खेत में गिरने पर उसे अर्धनग्न कर दिया गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो लगभग 40 सेकेंड का है। इसमें महिला आरक्षक रोते हुए प्रदर्शनकारियों से कहती है, ‘भाई, मुझे माफ कर दो, छोड़ दो।‘ लेकिन प्रदर्शनकारी उसे धमकाते हैं और कहते हैं कि ‘क्या करने आई थी, चप्पल से मारूं अभी। चलो भाग जाओ।'
इससे पहले भी महिला TI को लात मारने का वीडियो सामने आया था। हिंसक झड़प 27 दिसंबर 2025 को हुई। 14 गांवों के लोगों ने प्रेस नोट जारी कर घटना का विरोध किया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि शांतिपूर्ण आंदोलन को बदनाम करने की साजिश की गई।
यह मामला 8 दिसंबर 2025 की जनसुनवाई से जुड़ा है। JPL कोयला खदान सेक्टर-1 के प्रभावित 14 गांवों के लोग 12 दिसंबर से धरने पर बैठे थे। 27 दिसंबर को सुबह करीब 9 बजे लिबरा चौक पर लगभग 300 ग्रामीण जमा हुए और सड़क पर बैठकर रास्ता बंद कर दिया।
अनुविभागीय अधिकारी, पुलिस और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत होने के लिए समझाया। थोड़ी देर माहौल शांत रहा, लेकिन भीड़ बढ़ती गई और दोपहर तक लगभग 1000 लोग सड़क पर जमा हो गए।
करीब ढाई बजे भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए, पत्थर और डंडों से हमला किया। तमनार थाना प्रभारी कमला पुसाम को महिलाएं लात-घूंसे से पीटने लगीं। कई पुलिसकर्मी और महिला आरक्षक घायल हुए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
भीड़ ने कोल हैंडलिंग प्लांट में घुसकर आगजनी और तोड़फोड़ की। पुलिस, विधायक और कलेक्टर के मौजूद होने के बावजूद भीड़ को काबू में नहीं लाया जा सका।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि कोल ब्लॉक के लिए प्रस्तावित जनसुनवाई निरस्त की जाए। इसके बाद JPL प्रबंधन ने जनसुनवाई नहीं करने का फैसला लिया।
इस हिंसक घटना ने रायगढ़ में प्रशासन और पुलिस के प्रति जनता के अविश्वास और आक्रोश को उजागर किया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन उग्र भीड़ ने इसे हिंसक रूप दे दिया।