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ट्रंप का 100% टैरिफ वार! रूस पर अमेरिकी बिल पास, भारत-चीन पर मंडराया असर

अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने रूस और ईरान पर नए प्रतिबंधों वाले बिल को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित कानून राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले कुछ देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने की ताकत दे सकता है। भारत और चीन बड़े रूसी ऊर्जा खरीदार हैं, इसलिए दोनों देशों पर संभावित असर को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
 ट्रंप का 100% टैरिफ वार! रूस पर अमेरिकी बिल पास, भारत-चीन पर मंडराया असर
भारत पर टैरिफ का खतरा

वॉशिंगटन। अमेरिका में रूस के खिलाफ सख्त आर्थिक कदम उठाने की तैयारी आगे बढ़ गई है। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने रूस और ईरान से जुड़े नए प्रतिबंधों वाले विधेयक को 262-159 वोटों से पारित कर दिया। अब यह बिल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास हस्ताक्षर के लिए जाएगा। प्रस्तावित कानून का एक अहम हिस्सा रूस से ऊर्जा खरीदने वाले तीसरे देशों पर कार्रवाई से जुड़ा है। इसके तहत राष्ट्रपति को कुछ देशों के सामान पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता है। भारत और चीन रूस से ऊर्जा खरीदने वाले बड़े देशों में हैं, इसलिए इस प्रावधान को लेकर नई चिंता सामने आई है।

रूस पर दबाव बढ़ाने की अमेरिकी कोशिश

इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य रूस की कमाई के उन स्रोतों पर दबाव डालना है, जो उसकी ऊर्जा बिक्री से जुड़े हैं। अमेरिका का मानना है कि रूस की तेल और गैस से होने वाली आमदनी उसकी युद्ध क्षमता को बनाए रखने में मदद करती है। नए प्रस्ताव में रूसी अधिकारियों, वित्तीय संस्थानों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े लोगों पर भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है।

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भारत-चीन पर क्यों टिकी नजर?

भारत और चीन रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदते हैं। इसी वजह से नए अमेरिकी प्रावधान में इन दोनों देशों का नाम चर्चा में है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि अभी भारत या चीन पर 100% टैरिफ नहीं लगाया गया है। हाउस से बिल पास होना सिर्फ कानून बनाने की प्रक्रिया का एक चरण है। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ही यह कानून बन सकता है।

ट्रंप को मिल सकती है बड़ी ताकत

अगर विधेयक कानून बनता है, तो राष्ट्रपति को रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा खरीदने वाले कुछ तीसरे देशों के सामान पर भारी शुल्क लगाने का अधिकार मिल सकता है। इसका मतलब यह है कि टैरिफ लगाना अपने आप शुरू नहीं होगा। अमेरिकी प्रशासन को परिस्थितियों के आधार पर आगे फैसला लेना होगा।

कुछ देशों को मिल सकती है राहत

प्रस्ताव में कुछ देशों के लिए राहत की गुंजाइश भी बताई गई है। रूस की प्राकृतिक गैस पर कम निर्भरता रखने वाले और अपनी निर्भरता घटाने के लिए अहम कदम उठाने वाले देशों को छूट मिल सकती है। इसी वजह से भारत पर संभावित असर को लेकर अंतिम स्थिति अभी साफ नहीं मानी जा सकती।

भारत पर क्या हो सकता है असर?

अगर भविष्य में भारत पर 100% तक टैरिफ लगाया जाता है, तो अमेरिका को भारतीय सामान बेचने वाली कंपनियों पर बड़ा असर पड़ सकता है। इससे भारत-अमेरिका व्यापार में अनिश्चितता बढ़ सकती है और कुछ उत्पादों की कीमतों पर भी दबाव आ सकता है। हालांकि, वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका किस तरह के सामान और किन परिस्थितियों में शुल्क लगाता है।

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बिल अब ट्रंप की मेज पर

हाउस की मंजूरी के बाद अब अगला अहम कदम राष्ट्रपति ट्रंप का फैसला है। सीनेट भी पहले इस विधेयक को मंजूरी दे चुकी है। इसलिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 100% टैरिफ की संभावना वाला अधिकार प्रस्तावित है, लेकिन भारत पर ऐसा शुल्क अभी लागू नहीं हुआ है।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...

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