मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बड़ा सैन्य मंथन, जर्मनी में जुटे US-इजरायल-अरब कमांडर

मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ चल रहे संघर्ष और हूती हमलों से बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका, इजरायल और आठ अरब देशों के टॉप सैन्य अधिकारी एक जगह जुटे। जर्मनी में पिछले हफ्ते हुई इस बैठक को सार्वजनिक नहीं किया गया था। इसमें क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और आपसी सैन्य सहयोग को लेकर अहम बातचीत हुई।
जर्मनी में जुटे 10 देशों के सैन्य प्रमुख
जानकारी के मुताबिक, बैठक का आयोजन अमेरिका के सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के कमांडर ने किया था। इसमें इजरायल के अलावा सऊदी अरब, UAE, बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और मिस्र के सैन्य प्रमुख शामिल हुए। इनमें कुछ ऐसे अरब देश भी हैं, जिनके इजरायल के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। अमेरिकी सेंटकॉम ने भी बैठक की पुष्टि की है। उसके मुताबिक, जर्मनी में एक तय कॉन्फ्रेंस के दौरान आठ देशों के वरिष्ठ सैन्य नेताओं की मेजबानी की गई और मिडिल ईस्ट में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई।
अमेरिका ने साफ किया- सेना हटाने की योजना नहीं
बैठक में अमेरिका की ओर से यह संदेश दिया गया कि ईरानी हमलों के बावजूद वह मिडिल ईस्ट से अपनी सैन्य मौजूदगी खत्म करने की योजना नहीं बना रहा है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में समुद्री आवाजाही बढ़ाने से जुड़ी अमेरिकी योजना की जानकारी भी दूसरे सैन्य अधिकारियों को दी। वहीं, इजरायली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल एयाल जमीर ने अलग-अलग मोर्चों पर चल रहे इजरायली सैन्य अभियानों के बारे में जानकारी साझा की। इससे पहले भी कूपर और जमीर के बीच क्षेत्रीय सैन्य अभियानों को लेकर बातचीत हो चुकी है।
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इजरायल और अरब देशों के बीच बढ़ा सैन्य सहयोग
इस बैठक की एक अहम बात इजरायल और कुछ अरब देशों के बीच बढ़ता सुरक्षा सहयोग है। 2020 के अब्राहम अकॉर्ड्स के बाद इजरायल और UAE-बहरीन के रिश्तों में बदलाव आया। इसके बाद क्षेत्र में एयर डिफेंस, मिसाइल डिफेंस और खुफिया जानकारी साझा करने जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ा। सेंटकॉम पहले भी क्षेत्र के कई देशों के सैन्य अधिकारियों के साथ सुरक्षा बैठकों का आयोजन कर चुका है। जुलाई 2026 में बहरीन में हुई एक क्षेत्रीय बैठक में 12 देशों के रक्षा अधिकारियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा की थी।
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हूती हमलों के बीच सऊदी अरब पर भी नजर
अब इस पूरे घटनाक्रम में सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़ता तनाव भी अहम माना जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, हूती हमलों के बीच इजरायल और सऊदी अरब के बीच संभावित सुरक्षा सहयोग पर भी चर्चा हो रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें इजरायल की ओर से सऊदी अरब को खुफिया, निगरानी और टोही यानी ISR से जुड़ी मदद देने का विकल्प भी शामिल हो सकता है। हालांकि, यह एक रिपोर्ट में बताए गए संभावित विकल्प के तौर पर सामने आया है, किसी अंतिम समझौते के तौर पर नहीं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच जर्मनी की यह बैठक इसलिए अहम है क्योंकि इसमें अमेरिका, इजरायल और अलग-अलग अरब देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी एक साथ शामिल हुए। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग को लेकर आगे की रणनीति पर बातचीत हुई।




















