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Tiktok: टिक टॉक खरीदने वाले हैं एलन मस्क, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिए कुछ संकेत, ऐप की सेवाओं को 75 दिनों तक बढ़ाया

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Tiktok: टिक टॉक खरीदने वाले हैं एलन मस्क, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिए कुछ संकेत, ऐप की सेवाओं को 75 दिनों तक बढ़ाया
20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली और अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति बन गए। इसके बाद उन्होंने कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने सोशल मीडिया ऐप टिक टॉक को लेकर भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर एलन मस्क चाहे तो टिक टॉक भी खरीद सकते हैं। अमेरिका में करीब 170 मिलियन लोग इसे इस्तेमाल करते हैं, तो चीनी मालिक बाइटडांस को टिक टॉक को बेच देना चाहिए। वरना इसे बैन कर दिया जाएगा। अब ट्रंप के इस बयान के बाद लोग ये कयास लगा रहे हैं कि एलन मस्क शायद टिक टॉक खरीदने वाले हैं।   

पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने लगाया था टिक टॉक पर प्रतिबंध 

अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए टिक टॉक पर प्रतिबंध लगाया था। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद यह प्रतिबंध हटा दिया गया, जिससे अमेरिका में टिक टॉक की सेवाएं फिर शुरू हो गईं। बता दे की पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल के दौरान टिक टॉक पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

टिक टॉक का संचालन मस्क को बेचने पर चर्चा कर रही चीन 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीनी अधिकारी टिक टॉक का संचालन एलन मस्क को बेचने पर चर्चा कर रहे हैं। लेकिन कंपनी ने इन दावों को नकार दिया है। ट्रंप ने सोमवार को अमेरिका में टिक टॉक की सेवाओं के लिए समय सीमा 75 दिनों तक बढ़ाने का आदेश दिया है। हालांकि, मंगलवार तक टिक टॉक अमेरिका में एप्पल और एंड्रॉयड डिवाइस पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध नहीं था। पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, ‘अगर मस्क इसे खरीदते हैं, तो मैं उनके साथ हूं।’ उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे टिक टॉक के मालिक से मिले हैं और चाहते हैं कि कोई इसे खरीद ले। 

टिक टॉक पर प्रतिबंध राइट टू स्पीच का उल्लंघन है 

एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव जिताने के लिए 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर खर्च किए थे। मस्क का मानना है कि अमेरिका और चीन के बीच कारोबारी माहौल असंतुलित रहा है। उन्होंने कहा, ‘मैं लंबे समय से टिक टॉक पर प्रतिबंध के खिलाफ था, क्योंकि यह राइट टू स्पीच का उल्लंघन है। मौजूदा स्थिति में जहां टिक टॉक को अमेरिका में संचालन की अनुमति नहीं है, वहीं चीन में एक्स (पूर्व में ट्विटर) को संचालित करने की इजाजत नहीं है।’
Akriti Tiwary
By Akriti Tiwary

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