अमेरिका में बड़ी चूक, US Navy के 251वें स्थापना दिवस पर बधाई में लगा दी भारत-रूस के युद्धपोतों की फोटो, सांसद और गवर्नर हुए ट्रोल

वॉशिंगटन। अमेरिका के कई प्रमुख सांसदों और एक राज्य के गवर्नर ने अमेरिकी नौसेना (US Navy) को उसकी 251वीं वर्षगांठ पर बधाई देने की जल्दबाजी में भारत और अमेरिका के कट्टर प्रतिद्वंद्वी रूस के युद्धपोतों की तस्वीरें इस्तेमाल कर लीं। जॉर्जिया के रिपब्लिकन गवर्नर ब्रायन पी. केम्प ने X पर एक पोस्ट के जरिए अमेरिकी नौसेना के स्थापना दिवस पर लिखा - हमारे देश की स्थापना के शुरुआती दिनों से ही, नौसेना ने हमारे देश की निगरानी की है और समुद्रों के पार स्वतंत्रता की रक्षा की है। इसके स्थापना दिवस पर, हम उन नाविकों को सलाम करते हैं, जिनकी सेवा, बलिदान और साहस इस विरासत को आगे बढ़ाते हैं। लेकिन अपनी बधाई के साथ केम्प ने भारतीय नौसेना के युद्धपोतों की एक पुरानी तस्वीर पोस्ट कर दी, जिसमें वे एक कतार में चल रहे थे। उनकी इस गलती की तरफ अमेरिकी मीडिया ने ध्यान दिलाला।
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मीडिया ने लिखा- यह भारतीय युद्धपोत हैं
इस गलती की ओर वॉल स्ट्रीट जर्नल के वॉशिंगटन ब्यूरो के डिप्टी चीफ डेव ब्राउन ने ध्यान दिलाया। उन्होंने केम्प के संदेश को रीपोस्ट करते हुए लिखा - ये भारतीय युद्धपोत हैं। माना जा रहा है कि इस तस्वीर में भारतीय नौसेना के तीन फ्रिगेट INS गोदावरी, INS ब्रह्मपुत्र और INS ब्यास शामिल हैं। यह 2008 में अमेरिका और भारत के बीच हुए संयुक्त नौसैनिक अभ्यास मालाबार के दौरान एक साथ चल रहे थे। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सदस्य टिम मूर ने भी वही तस्वीर पोस्ट की जिसका इस्तेमाल केम्प ने किया था। पत्रकार ने यह भी बताया कि रिपब्लिकन पार्टी के फ्रीडम कॉकस फाउंडेशन ने भी अमेरिकी नौसेना को बधाई देते हुए भारतीय नौसेना के तलवार श्रेणी के फ्रिगेट, INS त्रिकंड की तस्वीर पोस्ट कर दी। इसके अलावा, 'कॉइन' (Coign) नाम की एक वित्तीय कंपनी - जिसे कंजर्वेटिव्स (रूढ़िवादी विचारधारा वाले लोगों) ने कंजर्वेटिव्स के लिए ही बनाया है - उसने भी अमेरिकी नौसेना को बधाई देने के लिए उन्हीं तीन भारतीय युद्धपोतों की तस्वीर का इस्तेमाल किया।
कुछ ने रूसी जहाजों के फोटो लगाए
स्टेट रिप्रेजेंटेटिव माइक डोविला ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए अमेरिकी नौसेना को बधाई देने के लिए अमेरिका के कट्टर प्रतिद्वंद्वी रूस के युद्धपोतों की फोटो पोस्ट कर दी। US बॉर्डर पेट्रोल (USBP) के मियामी सेक्टर के चीफ पेट्रोल एजेंट जेफरी जे. डिनिस ने अपने जन्मदिन के संदेश में 'किरोव-क्लास' के एक रूसी बैटलक्रूजर की तस्वीर का इस्तेमाल किया। सैन डिएगो के मेयर टॉड ग्लोरिया ने अमेरिकी नौसेना को बधाई देने के लिए सोवियत ज़माने के पुराने क्रूजर 'मिखाइल कुतुजोव' को चुना। यह जहाज अब नोवोरोस्सियस्क में एक म्यूजियम है।
1775 को शुरुआत हुई थी
अमेरिकी नौसेना का इतिहास बहुत पुराना और समृद्ध रहा है। इसकी शुरुआत 13 अक्टूबर, 1775 को हुई थी। उस समय कॉन्टिनेंटल कांग्रेस ने ब्रिटिश सप्लाई जहाजों को निशाना बनाने के लिए पहले सशस्त्र जहाजों को अधिकृत किया था। 300 जहाजों और हजारों विमानों के मजबूत बेड़े के साथ अमेरिकी नौसेना दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी नौसेना है (चीन की 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी' के बाद)। हालांकि, डिस्प्लेसमेंट (जहाजों के कुल वजन/आकार) के मामले में यह दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना है। इसके पास दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर बेड़ा भी है। अमेरिकी नौसेना के 11 एयरक्राफ्ट कैरियर अभी सक्रिय सेवा में हैं।




















