17 साल बाद भारत लौटी विदेशी यात्री हैरान, जयपुर से दिल्ली तक बदली सड़क यात्रा, बोलीं- पहले सड़क यात्रा के नाम से डर लगता था

जयपुर। 17 साल बाद भारत लौटीं एक विदेशी यात्री के लिए, सड़क यात्रा का अनुभव अब पूरी तरह बदल गया है। पहले ऐसी यात्राओं का मतलब होता था - खराब सड़कें, तकलीफदेह सफर और बाथरूम जाने के लिए पहले से सोच-समझकर बनाई गई योजनाएं। जयपुर से दिल्ली तक की अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने रास्ते में हुए कई सुधार देखे - जैसे बेहतर सड़कें, साफ-सुथरे वॉशरूम और कॉफी पीने के लिए रुकने की सुविधाजनक जगहें - जिन्हें देखकर वे हैरान रह गईं।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का वीडियो शेयर किया
इंस्टाग्राम पर @stayingboundless नाम से सक्रिय इस यात्री ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अपने अनुभव का एक वीडियो शेयर किया। उनके इस वीडियो ने लोगों का ध्यान खींचा और इस बात पर चर्चा शुरू हो गई कि भारत का सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर कितना बदल गया है और अभी इसमें और क्या सुधार होने बाकी हैं। उन्होंने पुरानी यादें साझा करते हुए लिखा, 17 साल पहले, भारत में सड़क यात्रा के नाम से ही मुझे डर लगता था। उन्होंने बताया कि तब खराब सड़कों पर सफर करना कितना कष्टदायक होता था और रास्ते में साफ-सुथरी सुविधाएं मिलना कितना मुश्किल था। हालांकि, उनकी हालिया यात्रा इन पुरानी यादों से बिल्कुल अलग और सुखद रही। आपको इस हिसाब से पानी पीना पड़ता था कि आगे बाथरूम कहां मिलेगा। इस यात्री के लिए बदलाव सिर्फ इतना नहीं था कि वे अपनी मंजिल तक जल्दी पहुंच गईं, बल्कि पूरी यात्रा के दौरान मिलने वाला आराम और सुविधा भी बहुत मायने रखती थी।अपनी पुरानी यात्राओं को याद करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें खराब सड़कों पर घंटों तक झटके खाते हुए सफर करना पड़ता था और रुकने के लिए कोई अच्छी जगह ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। साफ वॉशरूम का न होना एक बड़ी समस्या थी, जिसकी वजह से पानी पीने जैसी सामान्य बात के लिए भी पहले से योजना बनानी पड़ती थी।
अब नहीं सोचना पड़ रहा ट्रिप प्लान से पहले
@stayingboundless हैंडल पर उन्होंने आगे कहा- पहले आपको पानी पीने से पहले यह सोचना पड़ता था कि आस-पास शौचालय हैं या नहीं। इस बार, उन्हें सफर काफी आरामदायक लगा। सड़क की बेहतर सतह, साफ-सुथरे शौचालय, व्यवस्थित विश्राम स्थल और कॉफी की उपलब्धता ने उन पर गहरा प्रभाव डाला। उन्होंने लिखा, भारत में मैंने जो बदलाव देखे हैं, उनमें से यह सबसे प्रभावशाली बदलावों में से एक है। उनकी यह प्रतिक्रिया सड़क यात्रा के एक ऐसे पहलू को सामने लाती है, जिस पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता।
सड़क की लंबाई नहीं उसके आसपास फैसेलिटी भी जरूरी
आमतौर पर राजमार्गों को उनकी लंबाई, गति सीमा और यात्रा के समय के आधार पर आंका जाता है। लेकिन, रास्ते में मिलने वाली सुविधाएं भी यह तय कर सकती हैं कि लोग लंबी यात्रा का अनुभव कैसे करते हैं।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे क्यों महत्वपूर्ण है
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, जिसे नेशनल एक्सप्रेसवे 4 (NE 4) के नाम से भी जाना जाता है, एक बड़ा बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) प्रोजेक्ट है। इसे राष्ट्रीय राजधानी और मुंबई के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया गया है। यह एक्सप्रेसवे लगभग 1,350 किलोमीटर लंबा है। जब पूरा मार्ग चालू हो जाएगा, तो उम्मीद है कि दोनों शहरों के बीच सड़क यात्रा का समय लगभग 24 घंटे से घटकर करीब 12 घंटे रह जाएगा। हालांकि, यात्रा में लगने वाला वास्तविक समय रास्ते, ट्रैफिक और अन्य स्थितियों पर निर्भर करेगा। इस प्रोजेक्ट को अलग-अलग हिस्सों में विकसित किया जा रहा है और अभी पूरा मार्ग चालू नहीं हुआ है। इसलिए, यात्रियों को यह जांच लेना चाहिए कि कौन-से हिस्से खुले हैं और उसी के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनानी चाहिए।
यात्रियों के लिए वेसाइड एमिनिटीज
इस एक्सप्रेसवे पर 93 जगहों पर यात्रियों के लिए सुविधाएं (wayside amenities) देने की योजना है। इनमें होटल, फूड कोर्ट, दुकानें, एटीएम, ईंधन स्टेशन और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग पॉइंट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए, ऐसे पड़ाव बहुत मददगार साबित हो सकते हैं। भोजन, शौचालय, ईंधन और आराम करने की जगहों तक पहुंच होने से यात्रा काफी आसान हो जाती है, खासकर परिवारों और बच्चों के साथ सफर करने वालों के लिए। हालांकि, अलग-अलग हिस्सों में मिलने वाली सुविधाएं अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए यात्रा पर निकलने से पहले यात्रियों को यह पता कर लेना चाहिए कि उनके रास्ते में कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध हैं।




















