Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

MP Expressway: भोपाल से इंदौर सिर्फ 2 घंटे में? MP में बनेगा 18,000 करोड़ का मेगा कॉरिडोर! इंदौर-भोपाल-जबलपुर को जोड़ने की तैयारी

मध्य प्रदेश में इंदौर-भोपाल-जबलपुर मेगा एक्सप्रेसवे की योजना चर्चा में है। 18,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की अनुमानित लागत, 2 लाख रोजगार की संभावना, औद्योगिक पार्क और प्रस्तावित रूट की पूरी जानकारी जानें।
MP Expressway: भोपाल से इंदौर सिर्फ 2 घंटे में? MP में बनेगा 18,000 करोड़ का मेगा कॉरिडोर! इंदौर-भोपाल-जबलपुर को जोड़ने की तैयारी
इंदौर, भोपाल और जबलपुर के बीच बनेगा नया एक्सप्रेसवे

मध्य प्रदेश में इंदौर, भोपाल और जबलपुर के बीच प्रस्तावित मेगा एक्सप्रेसवे प्रदेश की कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास की तस्वीर बदल सकता है। इस परियोजना पर 18,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत आने का अनुमान है। इसके तहत एक्सप्रेसवे के साथ औद्योगिक पार्क, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और रोजगार के नए अवसर विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित औद्योगिक गतिविधियों से आने वाले समय में करीब 2 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है। यदि योजना को मंजूरी मिलती है और निर्माण तय दिशा में आगे बढ़ता है, तो इंदौर, भोपाल और जबलपुर के बीच सफर आसान होने के साथ मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिल सकती है।

मध्य प्रदेश में कहां बनेगा मेगा एक्सप्रेसवे?

मध्य प्रदेश में इंदौर से भोपाल होते हुए जबलपुर तक बेहतर सड़क संपर्क विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य तीन प्रमुख शहरों को जोड़ने के साथ रास्ते में आने वाले जिलों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है। प्रस्तावित योजना में भोपाल-इंदौर के बीच 161 किलोमीटर लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और भोपाल-जबलपुर के बीच करीब 255 किलोमीटर के एक्सप्रेसवे का उल्लेख है। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का मतलब ऐसी सड़क से है, जिसे नए मार्ग पर विकसित किया जाता है। एक्सेस-कंट्रोल्ड सड़क पर प्रवेश और निकास के लिए निर्धारित स्थान होते हैं, जिससे स्थानीय ट्रैफिक का सीधा हस्तक्षेप कम किया जा सकता है। इस परियोजना से इंदौर, देवास, सीहोर, भोपाल, रायसेन, विदिशा, सागर, दमोह और जबलपुर जैसे क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, प्रस्तावित कॉरिडोर की कुल लंबाई, अंतिम रूट और निर्माण की समयसीमा की आधिकारिक पुष्टि जरूरी होगी।

फोन-पे से भेजे लाखों, एक लाख कैश भी दिए! खिलचीपुर में धोखाधड़ी का मामला

भोपाल से इंदौर का सफर 2 घंटे में पूरा होने की उम्मीद

भोपाल और इंदौर मध्य प्रदेश के दो प्रमुख आर्थिक केंद्र हैं। दोनों शहरों के बीच नौकरी, कारोबार, शिक्षा और अन्य कामों के लिए बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। ऐसे में नया एक्सप्रेसवे बनने पर सफर के समय में कमी आ सकती है। फिलहाल, भोपाल से इंदौर की सड़क यात्रा में ट्रैफिक और चुने गए मार्ग के अनुसार करीब चार घंटे या उससे अधिक समय लग सकता है। प्रस्तावित छह लेन वाले एक्सप्रेसवे का उद्देश्य शहरों के भीतर लगने वाले जाम और बार-बार रुकने की समस्या को कम करना है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद भोपाल से इंदौर की यात्रा लगभग दो घंटे में पूरी होने का लक्ष्य बताया जा रहा है। हालांकि, वास्तविक यात्रा समय सड़क की डिजाइन, निर्धारित गति सीमा, प्रवेश-निकास बिंदुओं और अंतिम रूट पर निर्भर करेगा।

इस परियोजना से संभावित फायदे-

  • भोपाल और इंदौर के बीच तेज और सुगम सड़क संपर्क।
  • व्यापारिक वाहनों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी।
  • औद्योगिक क्षेत्रों तक माल पहुंचाने में लगने वाले समय में संभावित कमी।
  • रास्ते में आने वाले शहरों और कस्बों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का अवसर।
  • 18,000 करोड़ से ज्यादा की योजना से औद्योगिक विकास को मिलेगी रफ्तार।

आष्टा में 21 हजार एकड़ का औद्योगिक पार्क बनाने की योजना

भोपाल-इंदौर मार्ग पर सीहोर जिले के आष्टा में बड़े औद्योगिक पार्क का प्रस्ताव चर्चा में है। दी गई जानकारी के अनुसार, इसके लिए करीब 21,000 एकड़ क्षेत्र में औद्योगिक विकास की योजना बनाई जा रही है। यदि यह योजना आगे बढ़ती है, तो यहां विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्योगों को स्थापित करने का अवसर मिल सकता है। औद्योगिक इकाइयों के आने से निर्माण, परिवहन, गोदाम, पैकेजिंग और स्थानीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बन सकते हैं। बड़े औद्योगिक पार्क के विकास के लिए जमीन, पानी, बिजली, सड़क, पर्यावरण संबंधी मंजूरी और निवेशकों की भागीदारी अहम होगी। इसलिए प्रस्तावित क्षेत्रफल को अंतिम रूप से स्वीकृत या विकसित जमीन मानने से पहले आधिकारिक स्थिति की पुष्टि जरूरी है।

भोपाल में आदिवासी छात्रों को ‘कूटने’ की धमकी देने वाले टीआई सस्पेंड, ‘जोहार’ के अपमान पर उमंग सिंघार ने उठाए सवाल

धर्मपुरा में 576 करोड़ रुपए का मल्टी-प्रोडक्ट इंडस्ट्रियल पार्क

भोपाल से जबलपुर के बीच धर्मपुरा में मल्टी-प्रोडक्ट इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की योजना भी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इसके लिए 954 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है और करीब 576 करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव बताया गया है। धर्मपुरा की लोकेशन को जबलपुर, सिवनी, भोपाल और नागपुर से संपर्क के लिहाज से उपयोगी माना जा रहा है। बेहतर सड़क संपर्क मिलने पर यहां उद्योगों और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावना बन सकती है। इस तरह के औद्योगिक पार्क में अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों को जगह मिल सकती है। लेकिन उद्योगों की संख्या, निवेश और रोजगार के वास्तविक आंकड़े परियोजना के क्रियान्वयन और निवेशकों की भागीदारी के बाद ही स्पष्ट होंगे।

2 लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे और औद्योगिक कॉरिडोर से करीब 2 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर बनने की संभावना जताई गई है। यह आंकड़ा योजना से जुड़ी संभावनाओं के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि पहले से सुनिश्चित नौकरियों के रूप में। औद्योगिक विकास आगे बढ़ने पर रोजगार के कई क्षेत्र खुल सकते हैं-

  • उद्योग और उत्पादन: मशीन संचालन, तकनीकी काम और उत्पादन प्रबंधन।
  • परिवहन और लॉजिस्टिक्स: ट्रक संचालन, माल ढुलाई, गोदाम और सप्लाई चेन।
  • निर्माण क्षेत्र: सड़क, औद्योगिक भवन और बुनियादी ढांचे के निर्माण से जुड़े काम।
  • सेवा क्षेत्र: होटल, दुकानें, मरम्मत सेवाएं और अन्य स्थानीय कारोबार।
  • कुशल रोजगार: तकनीकी प्रशिक्षण, मशीनों के रखरखाव और औद्योगिक प्रबंधन से जुड़े अवसर।

55 जिलों के सीएम फेलो योजनाओं की जमीनी हकीकत परखेंगे, सरकारी कार्यक्रमों का मूल्यांकन कर पहचानेंगे कमियां

क्या कैबिनेट की मंजूरी के बाद शुरू होगा निर्माण?

इस परियोजना को लेकर अगला महत्वपूर्ण पड़ाव सरकारी मंजूरी, वित्तीय व्यवस्था और निर्माण की प्रक्रिया होगी। प्रस्ताव को कैबिनेट से मंजूरी मिलने, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होने, जमीन की उपलब्धता और संबंधित विभागों की स्वीकृतियों के बाद ही निर्माण की स्पष्ट समयसीमा तय हो सकेगी। फिलहाल, इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सड़क विकास के साथ औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को जोड़ने की परिकल्पना की गई है। यदि इसे प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, तो मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है और रास्ते में आने वाले क्षेत्रों को भी आर्थिक लाभ मिल सकता है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

Latest Posts