Bill Gates Contrails Warning: आसमान में हवाई जहाज की सफेद लकीरें बढ़ा रही हैं ग्लोबल वार्मिंग, बताया कम करने का सस्ता तरीका

वॉशिंगटन।आसमान में हवाई जहाजों के पीछे बनने वाली सफेद लकीरों में से कुछ कुछ ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ावा देती हैं। माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स ने बताया है कि कैसे ये लकीरें जिन्हें 'कंडेनसेशन ट्रेल्स' या 'कॉन्ट्रेल्स' कहा जाता है, वातावरण में गर्मी को रोककर रखती हैं। बिल गेट्स ने हाल ही में गेट्स नोट्स वेबसाइट पर लिखा कि कुछ खास तरह के कॉन्ट्रेल्स को बनने से रोककर ग्लोबल वार्मिंग को 2% तक कम किया जा सकता है। गेट्स ने यह भी बताया कि हालांकि जेट फ्यूल जलने से निकलने वाला धुआं जलवायु के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कुछ कॉन्ट्रेल्स घंटों तक आसमान में बने रह सकते हैं, फैल सकते हैं और पतले बादलों में बदल सकते हैं जो गर्मी को रोककर रखते हैं।
कॉन्ट्रेल्स को कम करना होगा
गेट्स ने कहा कि जब तक साफ-सुथरी विमान तकनीक और ईंधन विकसित हो रहे हैं, तब तक इन लकीरों को बनने से रोकना एविएशन का जलवायु पर पड़ने वाला असर कम करने का एक सस्ता तरीका हो सकता है।
फ्लाइट के रास्ते बदलकर कॉन्ट्रेल्स को रोका जा सकता है
कॉन्ट्रेल्स तब बनते हैं जब हवाई जहाज के इंजन से निकलने वाली जल-वाष्प ठंडे तापमान और नमी के संपर्क में आती हैं। इंजन से निकलने वाले छोटे कणों के चारों ओर पानी जम जाता है, जिससे बर्फ के क्रिस्टल बनते हैं और हवाई जहाज के पीछे सफेद लकीरें दिखाई देती हैं। ज्यादातर कॉन्ट्रेल जल्दी गायब हो जाते हैं और जलवायु पर इनका बहुत कम असर पड़ता है। हालांकि, कुछ कॉन्ट्रेल घंटों तक बने रहते हैं और ऊंचाई पर मौजूद बादलों में फैल जाते हैं। इन्हें सिरस क्लाउड कहा जाता है। ये आमतौर पर जमीन से 6,000 से 12,000 मीटर (लगभग 20,000 से 40,000 फीट या उससे अधिक) की ऊंचाई पर बनते हैं। ये बादल सूरज की रोशनी को वापस अंतरिक्ष में भेज सकते हैं, लेकिन ये उस गर्मी को भी सोख लेते हैं जो पृथ्वी से बाहर निकल सकती है।
प्लान में बदलाव कर सकती हैं एयरलाइंस
बिल गेट्स ने कहा कि एविएशन (हवाई यात्रा) से तापमान में होने वाली बढ़ोतरी के लिए आधे हिस्से तक लंबे समय तक बने रहने वाले कॉन्ट्रेल जिम्मेदार हैं। इनसे बचने का एक तरीका यह है कि फ्लाइट के रास्ते में थोड़ा बदलाव किया जाए ताकि विमान वायुमंडल के उन इलाकों से न गुजरें जहां ऐसे कॉन्ट्रेल बनने की संभावना हो। बिल गेट्स ने कहा कि एयरलाइंस फ्लाउट प्लान बनाते समय, आमतौर पर उड़ान भरने से चार से आठ घंटे पहले ये बदलाव कर सकती हैं।
5 प्रतिशत फ्लाइट्स के रास्ते बदलने होंगे
बिल गेट्स के अनुसार दुनिया भर में लगभग 5% फ्लाइट्स के रास्ते बदलने से उन ज़्यादातर इलाकों से बचा जा सकता है जहां गर्मी बढ़ाने वाले कॉन्ट्रेल बनते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सभी फ्लाइट्स का औसत निकालने पर इन बदलावों से ईंधन का इस्तेमाल बहुत कम (सिर्फ 0.1% तक) बढ़ सकता है। गेट्स का अनुमान है कि कॉन्ट्रेल से बचने की लागत शायद $1 से $2 के आसपास हो सकती है। उन्होंने इसकी तुलना सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (टिकाऊ विमान ईंधन) की लागत से की। यह $130 या उससे ज़्यादा प्रति टन हो सकती है और उड़ान से जुड़े लाइफसाइकल उत्सर्जन को कम कर सकती है।
स्टैंडर्ड प्रोसीजर को बनाना होगा
बिल गेट्स ने कहा कि अगली चुनौती है विमान संचालन में कॉन्ट्रेल से बचाव को एक मानक प्रक्रिया बनाना। गेट्स ने कॉन्ट्रेल डॉट ऑर्ग नामक गैर-लाभकारी संगठन की स्थापना में मदद की, जो इस समस्या पर शोध कर रहा है। विमानों को मार्ग योजना बनाने में मदद करने के लिए मुफ्त, ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर विकसित कर रहा है।
100 से ज्यादा उड़नों ने कंट्रोल तकनीक पर काम किया
पिछले साल, कॉन्ट्रेल डॉट ऑर्ग ने अमेरिकन एयरलाइंस और गूगल रिसर्च के साथ मिलकर 100 से अधिक ऐसी उड़ानों पर काम किया जिनमें कॉन्ट्रेल से बचाव की तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। गेट्स ने ऑपरेशन ब्लू स्काईज पर भी प्रकाश डाला जो ब्रिटेन सरकार द्वारा समर्थित एक अध्ययन है। इसके तहत ब्रिटेन के पश्चिम में स्थित शानविक हवाई क्षेत्र से गुजरने वाली कुछ उड़ानों के मार्गों को कॉन्ट्रेल बनने से रोकने के लिए समायोजित किया जाएगा।




















