होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री जंग तेज! ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना ने ईरानी जहाज किया नष्ट

अमेरिका और ईरान के बीच समुद्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने 6 अक्टूबर को ओमान की खाड़ी में ईरान से जुड़े एक छोटे जहाज को नष्ट कर दिया था। अमेरिका का आरोप है कि यह जहाज उसके नौसेना के युद्धपोतों की निगरानी कर रहा था। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकेबंदी सख्त कर रखी है। वहीं, ईरान ने भी होर्मुज के पूर्व में ओमान की खाड़ी से लेकर अरब सागर तक अपनी नौसेना की नई तैनाती का ऐलान किया है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव से इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अमेरिकी सेना ने जहाज को क्यों बनाया निशाना?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि 6 अक्टूबर को एक पारंपरिक छोटी नौका को नष्ट किया गया था। अमेरिकी सेना का दावा है कि इस नौका का इस्तेमाल अमेरिकी नौसेना के युद्धपोतों पर नजर रखने के लिए किया जा रहा था। जानकारी के अनुसार, कार्रवाई से पहले नौका में सवार चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। उन्हें उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया जारी है। अमेरिकी सेना ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) पर भी आरोप लगाए हैं। अमेरिका का दावा है कि पिछले सात महीनों में ईरानी बलों ने क्षेत्रीय समुद्री रास्तों से गुजरने वाले नागरिक जहाजों और अमेरिकी नौसेना के जहाजों को बार-बार निशाना बनाया है।
नाविकों को धमकाने के आरोप पर अमेरिका का जवाब
अमेरिकी सेना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) में ईरान के राजदूत की ओर से लगाए गए आरोपों को भी खारिज किया है। ईरान की तरफ से कहा गया था कि अमेरिकी सेना ईरानी नाविकों के लिए धमकी भरी और उकसाने वाली भाषा का इस्तेमाल कर रही है। इससे नागरिक जहाजों के चालक दल पर मानसिक दबाव पड़ रहा है। CENTCOM ने इन आरोपों को गलत बताया। अमेरिकी कमांड का कहना है कि ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी की जानकारी पेशेवर तरीके से दी गई है। अमेरिका के मुताबिक, इस कार्रवाई का मकसद ईरान की गतिविधियों को सीमित करना है। अमेरिकी सेना ने यह भी दावा किया कि उसके बलों और क्षेत्रीय सहयोगियों के बीच तालमेल के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही जारी है।
ईरान ने ओमान की खाड़ी से अरब सागर तक बढ़ाई तैनाती
अमेरिका की कार्रवाई के बीच ईरान ने भी अपनी नौसैनिक गतिविधियां बढ़ा दी हैं। ईरानी नौसेना ने मंगलवार को नए गठन के तहत अपनी परिचालन इकाइयों की तैनाती का ऐलान किया। यह तैनाती होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में ओमान की खाड़ी से अरब सागर तक फैली हुई है। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस कदम का मकसद समुद्री रास्तों पर नजर रखना और उन गतिविधियों की निगरानी करना है, जिन्हें ईरान अपने खिलाफ मानता है। ईरानी नौसेना ने क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चालू रखने और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने की सलाह दी है। साथ ही, सुरक्षित आवाजाही के लिए ईरानी सशस्त्र बलों के साथ तालमेल बनाने को भी कहा है।
टैंकर में आग लगने की घटना ने बढ़ाई चिंता
ईरान की नई नौसैनिक तैनाती की घोषणा से पहले एक टैंकर का मामला भी सामने आया था। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, यह टैंकर प्रतिबंधित क्षेत्र से गुजरने की कोशिश कर रहा था और उसने अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर रखा था। इसी दौरान उसमें आग लग गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में आग लगने की असली वजह और उससे हुए नुकसान का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।
ईरान ने अमेरिकी नौसेना को दी चेतावनी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल अली ओजमाई ने अमेरिकी सेना पर निशाना साधा है। उन्होंने अमेरिकी सेना को 'ईंधन तस्कर' बताते हुए दावा किया कि अमेरिकी नौसेना और उसके विमानवाहक पोत ईरानी बलों की मारक क्षमता की सीमा में आने से बच रहे हैं। ओजमाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य के खुले और सुरक्षित होने के अमेरिकी दावे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका को लगता है कि इस रणनीतिक समुद्री रास्ते पर उसका नियंत्रण है, तो उसे अपने सैन्य बलों को इसके और करीब लाना चाहिए। ईरानी सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, ओजमाई ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी विमानवाहक पोत जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास आते हैं, तो उन्हें डुबो दिया जाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर क्यों बढ़ रहा है तनाव?
अमेरिका का कहना है कि उसकी सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य अपने सैनिकों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा करना है। दूसरी ओर, ईरान चाहता है कि इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाज उसके निर्देशों और प्रतिबंधों का पालन करें तथा सुरक्षित आवाजाही के लिए उसके सशस्त्र बलों के साथ तालमेल बनाएं। दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी से खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का टकराव अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही और वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकता है।




















