Naresh Bhagoria
2 Jan 2026
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1 Jan 2026
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नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा परिसर इन दिनों एक अजीब समस्या से जूझ रहा है। यहां बार-बार घुस आने वाले बंदरों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। कभी तारों पर कूदते बंदर, तो कभी डिश एंटीना को नुकसान—परिसर में उनकी मौजूदगी अब सिरदर्द बन चुकी है।
इस अनोखी चुनौती से निपटने के लिए विधानसभा प्रशासन ने एक दिलचस्प तरीका अपनाने की योजना बनाई है। बंदरों को भगाने के लिए लंगूर की आवाज की नकल करने वाले प्रशिक्षित लोगों की तैनाती की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि यह तरीका प्रभावी होने के साथ-साथ मानवीय भी है।
बंदरों की लगातार घुसपैठ से न सिर्फ संपत्ति को नुकसान हो रहा है, बल्कि विधायकों, कर्मचारियों और आगंतुकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए PWD ने ऐसे लोगों की नियुक्ति के लिए निविदा जारी की है, जो लंगूर की आवाज निकालने में माहिर हों।
खास बात यह है कि बंदरों को डराने के लिए सिर्फ आवाज ही नहीं, बल्कि एक असली लंगूर भी साथ लाया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक पहले लंगूर के कटआउट लगाने की योजना थी, लेकिन बंदर अब उनसे डरते नहीं। हालात ऐसे हो गए कि बंदर कटआउट्स पर ही बैठकर आराम फरमाने लगते हैं।
पहले भी लंगूर की आवाज निकालने वाले कर्मी तैनात थे, लेकिन उनका अनुबंध समाप्त हो चुका है। अब प्रशासन ने इस काम के लिए नया कॉन्ट्रैक्ट जारी किया है, ताकि बंदरों की समस्या पर दोबारा काबू पाया जा सके। योजना के तहत कार्यदिवसों और शनिवार को काम करना होगा। प्रत्येक व्यक्ति आठ घंटे की शिफ्ट में काम करेगा। अब देखना यह है कि दिल्ली विधानसभा के अफसरों का बंदर भगाने का यह आइडिया कितना कारगर साबित होता है।