इंदौर में दूषित पानी से 15 लोगों की मौत के मामले में नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर रोहित सिसोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। साथ ही उन्हें तत्काल इंदौर से हटाकर किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग में उप सचिव बनाया गया है।
इसके बाद इंदौर नगर निगम में तीन नए IAS अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
आकाश सिंह (2019 बैच) – अपर आयुक्त, इंदौर नगर निग
प्रखर सिंह (2020 बैच) – अपर आयुक्त, इंदौर नगर निगम
आशीष पाठक (2020 बैच) – अपर आयुक्त, इंदौर नगर निगम
इनमें दो डायरेक्ट IAS हैं, जबकि आशीष पाठक प्रमोटी IAS अधिकारी हैं।
शासन ने प्रभारी सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार भी वापस ले लिया है। वे साल 2007-08 से प्रतिनियुक्ति पर जल प्रदाय शाखा संभाल रहे थे।
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महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने रोहित सिसोनिया पर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि निगमायुक्त ने एक ही चेहते अधिकारी को ज्यादा काम दे रखा था, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा था। अधिकारियों की कमी से ज्यादा समस्या सही कार्य-विभाजन की थी।
अपर मुख्य सचिव (ACS) ने एक दिन इंदौर में रहकर हालात का जायजा लिया और मुख्यमंत्री को रिपोर्ट सौंपी। इसी रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। जल्द ही दो-तीन और नए अधिकारियों की नियुक्ति भी की जा सकती है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ दूषित पेयजल मामले की समीक्षा की है। रिपोर्ट के आधार पर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को नोटिस, अपर आयुक्त को हटाने और जल वितरण विभाग में तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं।