Shivani Gupta
2 Jan 2026
Shivani Gupta
1 Jan 2026
छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। उन्हें ED और EOW के मामलों में राहत मिली है। अन्य जांच अब भी जारी है।
बिलासपुर हाईकोर्ट के जस्टिस अरविंद वर्मा की सिंगल बेंच ने जमानत का आदेश दिया। चैतन्य बघेल लगभग 168 दिन जेल में रहे थे। हाईकोर्ट ने कहा कि जमानत देने का निर्णय इस आधार पर किया गया कि उनके खिलाफ सभी सबूत और चार्जशीट दाखिल हैं, और जांच जारी है।
घोटाले की अनुमानित रकम लगभग 3,074 करोड़ रुपए है। कुछ स्रोतों के अनुसार कुल कमाई 3,005 करोड़ रुपए से अधिक हो सकती है। जांच के दौरान अब तक 8 चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं, जिनमें लगभग 3,800 पन्ने हैं। चार्जशीट में आरोप लगाया गया कि चैतन्य बघेल इस घोटाले के मुख्य कड़ी थे।
चैतन्य बघेल ने सिंडिकेट के अधिकारियों और जमीनी स्तर के संचालकों के बीच समन्वय किया। उन्होंने घोटाले की रकम को व्यवसायियों और बैंकिंग चैनलों के जरिए अपने परिवार की कंपनियों और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में ट्रांसफर किया। कथित तौर पर उनके हिस्से में 200–250 करोड़ रुपए आए। शराब घोटाले से सीधे उन्हें 16.70 करोड़ रुपए नगद प्राप्त हुए।
पैसा पहुंचाने में मुख्य रूप से शामिल थे- अनवर ढेबर, पप्पू बंसल, त्रिलोक ढिल्लन, दीपेंद्र चावड़ा। यह पैसा हवाला कारोबारियों की मदद से विभिन्न राज्यों में निवेश किया गया। ईडी ने पाया कि लगभग 1,000 करोड़ रुपये के लेन-देन में चैतन्य बघेल शामिल थे।
10 मार्च 2025: ED ने भिलाई, रायपुर और बस्तर में छापेमारी की।
18 जुलाई 2025 (चैतन्य के बर्थडे): ED ने भिलाई में उनके निवास से गिरफ्तारी की।
16 दिसंबर 2025: सौम्या चौरसिया को भी गिरफ्तार किया गया।
चार्जशीट में डिजिटल साक्ष्यों और जाँच की प्रगति शामिल की गई है।
शराब दुकानों में डुप्लिकेट होलोग्राम लगाकर अवैध शराब बेची गई। CSMCL और आबकारी विभाग में रिश्वतखोरी और टेंडर कमीशन का खुलासा हुआ। घोटाले में कई पूर्व IAS, कारोबारी और राजनेता शामिल थे।
कथित घोटाला 2019-2022 के दौरान हुआ। शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेबें भरी और राज्य के राजस्व को करोड़ों का नुकसान हुआ।
ED का दावा: चैतन्य बघेल ने शराब घोटाले से 1,000 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई को हैंडल किया।