अमेरिका-ईरान वार्ता में नया समझौता प्रस्ताव; यूरेनियम भंडार और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तैयार हुआ प्रारंभिक ढांचा

जेद्दाह। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए एक प्रारंभिक समझौता ढांचा तैयार किया गया है। अल अरबिया इंग्लिश ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस प्रस्ताव के तहत ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को किसी तीसरे देश में स्थानांतरित करने या उसके संवर्धन स्तर को कम करने पर विचार किया गया है। इसके साथ ही, प्रारंभिक सहमति बनने के सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही के लिए खोलने का प्रस्ताव भी शामिल है।
चीन को संभावित गारंटर की भूमिका देने का सुझाव दिया
न्यूज प्लेटफॉर्म को विशेष रूप से मिले इस मसौदे में चीन को संभावित गारंटर की भूमिका देने का सुझाव दिया गया है। इसका उद्देश्य किसी भी संभावित समझौते को प्रभावी ढंग से लागू करना और उसकी स्थिरता बनाए रखना है। इसके अलावा, प्रस्ताव में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत के लिए इस्तांबुल के बजाय कतर की राजधानी दोहा को चुने जाने की बात कही गई है।
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परमाणु कार्यक्रम पर ईरान की प्रतिबद्धता के बदले आर्थिक राहत
प्रस्तावित समझौते के अनुसार ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम और समुद्री सुरक्षा से जुडी कुछ महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताओं का पालन करना होगा। इसके बदले अमेरिका प्रतिबंधों में राहत देने, नाकाबंदी हटाने और अन्य आर्थिक पाबंदियों में ढील देने के लिए कदम उठा सकता है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनाव कम करना और आपसी सहमति के आधार पर विवादित मुद्दों का समाधान निकालना है। इसके तहत ईरान की परमाणु गतिविधियों और समुद्री सुरक्षा से संबंधित जिम्मेदारियों को समझौते का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
समझौते के पालन के लिए स्वतंत्र निगरानी व्यवस्था का प्रस्ताव
मसौदे में समझौते को लागू करने के लिए एक स्वतंत्र सत्यापन प्रणाली बनाने का भी सुझाव दिया गया है। इस व्यवस्था के तहत कार्यान्वयन के हर चरण से पहले संबंधित पक्षों की प्रतिबद्धताओं और उनके पालन की जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिका या ईरान में से कोई भी पक्ष दूसरे की प्रतिबद्धताओं की पुष्टि और स्वतंत्र सत्यापन के बिना कोई बडी रियायत न दे। इस तरह समझौते के प्रत्येक चरण को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की कोशिश की गई है।
विवाद सुलझाने के लिए मध्यस्थों और गारंटर देशों की भूमिका
अल अरबिया इंग्लिश की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित ढांचे में विवादों के समाधान के लिए एक अलग तंत्र विकसित करने की बात भी कही गई है। इसमें मध्यस्थों और गारंटर देशों को शामिल किया जाएगा, ताकि समझौते के क्रियान्वयन के दौरान किसी तरह की देरी या उल्लंघन होने पर स्थिति को संभाला जा सके।
कतर ने कूटनीतिक गतिविधियां तेज कीं
ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव को कम करने तथा युद्धविराम बहाल कराने के लिए कतर ने अपनी कूटनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, शुक्रवार को कतर का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए तेहरान पहुंचा। इस दौरान वॉशिंगटन और तेहरान के बीच युद्धविराम को दोबारा लागू करने के विकल्पों पर चर्चा की गई।खबरों के अनुसार कतर के राजनयिकों ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का एक पत्र ईरान के सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेजाई तक पहुंचाया। इस पत्र में अमेरिका की ओर से आगे सैन्य हमलों को रोकने के लिए एक नए कूटनीतिक विकल्प का प्रस्ताव रखा गया है।
ईरान के साथ संघर्ष खत्म करने की जल्दबाजी नहीं : ट्रंप
कतर की इस कूटनीतिक पहल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका को ईरान के साथ जारी संघर्ष समाप्त करने की कोई जल्दबाजी नहीं है। उन्होंने मौजूदा टकराव को सामान्य युद्ध से अलग बताते हुए कहा कि यह कोई आम युद्ध नहीं है।
तुर्की ने भी अमेरिका के साथ शुरू की कूटनीतिक बातचीत
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के प्रयासों में तुर्की भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। अमेरिका में आयोजित G20 मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ मुलाकात की। तुर्की की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलु के अनुसार, दोनों नेताओं की बातचीत में अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ता, पश्चिम एशिया के क्षेत्रीय घटनाक्रम और अमेरिका-तुर्की द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब सप्ताह की शुरुआत में तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई थी।




















