होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकर 'MT लुईस 1' पर लिम्पेट माइन हमला, जहाज पर थे 27 भारतीय नाविक

दुनिया के सबसे अहम समुद्री तेल मार्ग होर्मुज स्ट्रेट में पनामा के झंडे वाले टैंकर 'एमटी लुईस 1' पर लिम्पेट माइन से हमला हुआ। जहाज पर क्रू के 27 भारतीय सदस्य सवार थे। राहत की बात है कि सभी सुरक्षित हैं। यह खबर क्यों बड़ी है और इसका आप पर क्या असर हो सकता है।
आखिर क्या हुआ?
रिपोर्ट के मुताबिक, एक छोटी नाव पर सवार हमलावरों ने टैंकर के पतवार (हल) पर दो लिम्पेट माइंस चिपका दीं। कुछ ही देर बाद इनमें जोरदार धमाका हुआ। धमाके से इंजन रूम में आग लग गई, टैंकर कुछ समय के लिए ठप हो गया, किसी नाविक को चोट नहीं आई, समुद्र में तेल रिसाव की कोई खबर नहीं है, हालात सामान्य होने पर जहाज ने अपना सफर फिर शुरू कर दिया।
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लिम्पेट माइन क्या होती है?
लिम्पेट माइन एक छोटा विस्फोटक होता है, जिसे जहाज के बाहरी हिस्से से चिपका दिया जाता है। इसका नाम समुद्र के एक जीव 'लिम्पेट' पर पड़ा है, जो चट्टानों से मजबूती से चिपका रहता है। ये माइंस अक्सर पानी की सतह के पास लगाई जाती हैं, जिससे जहाज के ढांचे को नुकसान पहुंचता है। इस मामले में हमलावर छोटी नाव से आए थे।
भारतीय क्रू की सूझबूझ ने टाला बड़ा हादसा
इंजन रूम में आग किसी भी टैंकर के लिए बेहद खतरनाक होती है। ऐसे में भारतीय क्रू ने बिना घबराए तुरंत आग पर काबू पा लिया। उनकी इसी तत्परता से न कोई जान गई, न तेल समुद्र में फैला।
घटना कहां हुई?
ब्रिटिश नौसेना की निगरानी एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, यह वारदात ओमान के खसाब से करीब 46 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर हुई। एक अहम बात यह है कि फरवरी में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव शुरू होने के बाद इस समुद्री मार्ग पर यह पहला सफल लिम्पेट माइन हमला है।
भारत सरकार का रुख
जानकारी सामने आते ही भारत सरकार सक्रिय हो गई। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पुष्टि की कि सभी 27 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने लिखा: हम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और अपने चालक दल की निरंतर सुरक्षा तथा भलाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित शिप मैनेजमेंट कंपनियों के साथ लगातार समन्वय कर रहे हैं।
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24 घंटे में दूसरा हमला
यह अकेली घटना नहीं है। इससे ठीक एक दिन पहले लाइबेरिया के झंडे वाले बहुत बड़े क्रूड कैरियर 'एमटी अरजाना' पर भी इसी जलमार्ग में हमला हुआ था। उस जहाज पर दो भारतीय नागरिक सवार थे। जानकारी के अनुसार, फरवरी से इस रूट पर आवाजाही के प्रतिबंधों के उल्लंघन का आरोप लगाकर व्यावसायिक जहाजों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट इतना अहम क्यों है?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में गिना जाता है। खाड़ी देशों से निकलने वाले कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा यहीं से गुजरता है। भारत अपनी तेल जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए इस रास्ते की सुरक्षा हमारे लिए सीधे मायने रखती है।



















