Twisha Sharma Case: गवाहों को डराने-धमकाने का खतरा! भोपाल से दिल्ली ट्रायल ट्रांसफर के पक्ष में CBI

भोपाल। ट्विशा शर्मा की अप्राकृतिक मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट में इस केस की सुनवाई भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर करने का समर्थन किया है। जांच एजेंसी का कहना है कि भोपाल में आरोपी प्रभावशाली हैं और वे मुकदमे की कार्यवाही को प्रभावित करने के साथ गवाहों को डरा-धमका सकते हैं। CBI ने अपने हलफनामे में सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह का जिक्र करते हुए निष्पक्ष सुनवाई को लेकर चिंता जताई है।
CBI ने सुप्रीम कोर्ट में क्यों किया दिल्ली ट्रांसफर का समर्थन?
CBI ने 29 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल किया। इसमें जांच एजेंसी ने कहा कि भोपाल में आरोपियों का प्रभाव होने के कारण मुकदमे की कार्यवाही प्रभावित होने की आशंका है। CBI के अनुसार, आरोपी गिरीबाला सिंह मध्य प्रदेश में न्यायिक पद पर रह चुकी हैं, जबकि उनके बेटे समर्थ सिंह भोपाल में वकालत करते हैं। एजेंसी का दावा है कि दोनों का स्थानीय स्तर पर प्रभाव है और इसका असर मुकदमे की निष्पक्षता पर पड़ सकता है। हलफनामे में यह भी आशंका जताई गई है कि गवाहों को डराया-धमकाया जा सकता है। इसी आधार पर CBI ने मुकदमे को भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग का समर्थन किया है।
गिरीबाला सिंह और समर्थ सिंह पर CBI ने क्या आरोप लगाए?
CBI ने अपने हलफनामे में गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की भूमिका को लेकर गंभीर आरोपों का उल्लेख किया है। एजेंसी का कहना है कि शुरुआती जांच के दौरान मध्य प्रदेश पुलिस की कार्रवाई में कथित तौर पर हस्तक्षेप किया गया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, मौत की घटना के बाद घटनास्थल से छेड़छाड़ करने और सबूतों को बदलने की कोशिश किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। CBI ने इन घटनाओं को मामले की गंभीरता से जोड़ते हुए कहा है कि आरोपी अपने प्रभाव और पद का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित कर सकते हैं।
ट्विशा शर्मा के पिता ने क्यों मांगा दिल्ली में ट्रायल?
ट्विशा शर्मा के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मुकदमे को भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की है। उनकी याचिका का मुख्य आधार निष्पक्ष सुनवाई और न्याय मिलने की उम्मीद है। उनका कहना है कि मामले की सुनवाई ऐसी जगह होनी चाहिए, जहां किसी तरह का स्थानीय दबाव न हो और गवाह बिना डर के अपनी बात रख सकें। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही भोपाल की अदालत में चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। साथ ही अदालत ने CBI और आरोपियों से ट्रांसफर याचिका पर जवाब मांगा था। अब CBI की ओर से दिल्ली ट्रांसफर का समर्थन किए जाने के बाद इस याचिका पर सुनवाई महत्वपूर्ण हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट में अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट के सामने अब यह सवाल है कि क्या ट्विशा शर्मा केस का ट्रायल भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित किया जाना चाहिए। इस पर फैसला करते समय अदालत दोनों पक्षों की दलीलों और मामले से जुड़े तथ्यों पर विचार करेगी।
Twisha Sharma Case: पूर्व जज गिरिबाला सिंह की जमानत पर आज HC में सुनवाई, मृतका के पिता ने किया विरोध
CBI ने कब दाखिल की थी चार्जशीट?
ट्विशा शर्मा मामले में CBI ने 17 अगस्त 2026 को गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। जानकारी के मुताबिक, चार्जशीट में क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े आरोप शामिल हैं। इन आरोपों के आधार पर मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद भी आरोपों की न्यायिक जांच जरूरी है। अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर ही आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष निकलेगा।



















