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पाकिस्तान से विस्थापित सिंधियों को लेकर सोशल मीडिया आपत्तिजनक टिप्पणी:क्राइम ब्रांच ने दो आरोपीयो को किया गिरफ्तार

सिंधी महापंचायत की शिकायत पर कार्रवाई, व्हाट्सएप ग्रुप में वॉइस नोट और संदेशों के जरिए भ्रामक व आपत्तिजनक टिप्पणियां प्रसारित करने का आरोप।
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क्राइम ब्रांच ने दो आरोपीयो को किया  गिरफ्तार
फाइल फोटो

इंदौर में पाकिस्तान से विस्थापित होकर बसे सिंधी समाज पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से सिंधी समाज के खिलाफ भ्रामक और आपत्तिजनक टिप्पणियां प्रसारित कर रहे थे।

क्राइम ब्रांच के अनुसार सिंधी महापंचायत और सिंधी समाज की विभिन्न पंचायतों की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में लालचंद छाबड़ा, पीएल राजा मांधवानी, धनेश मटाई, लालचंद टी. वाधवानी, दीपचंद चावला, भगवानदास कटारिया और नानक डावानी सहित समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया था कि कुछ लोग लगातार समाज विशेष की भावनाएं आहत करने वाले संदेश प्रसारित कर रहे हैं।

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व्हाट्सएप ग्रुपों में प्रसारित किए जा रहे थे संदेश

जांच में सामने आया कि आरोपी विभिन्न सिंधी समाज से जुड़े व्हाट्सएप ग्रुपों में संदेश और वॉइस नोट भेज रहे थे। आरोप है कि इन संदेशों में पाकिस्तान के सिंध प्रांत से विस्थापित होकर भारत आए लोगों, विशेष रूप से जैकबाबाद, लरकाना और साहीती क्षेत्र से जुड़े समुदायों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। समाज के पदाधिकारियों का आरोप है कि इन संदेशों के जरिए भ्रामक जानकारी फैलाने का प्रयास किया जा रहा था, जिससे समाज में असंतोष और विवाद की स्थिति बन रही थी।

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दोनों आरोपियों को भेजा रिमांड पर

क्राइम ब्रांच ने गुरुवार दोपहर राजकुमार छाबड़िया और शंकर चेलानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बाद में दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

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मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों की जांच

पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आपत्तिजनक संदेश कितने ग्रुपों में भेजे गए, उनके पीछे की मंशा क्या थी और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।

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Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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