मध्य पूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं और इजरायल-ईरान के बीच टकराव अब बड़े युद्ध का रूप लेता दिख रहा है। शुक्रवार को इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर भीषण हवाई हमले किए, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। जवाब में ईरान ने भी इजरायल पर मिसाइलें दागीं, जिसके बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष और तेज हो गया। इस बीच अमेरिका की बढ़ती सैन्य सक्रियता ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने पिछले चार हफ्तों में 850 से ज्यादा टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दाग दी हैं, जिससे युद्ध का दायरा और गहरा हो गया है।
इजरायल ने शुक्रवार को ईरान की राजधानी तेहरान पर एक साथ कई हवाई हमले किए। इन हमलों का लक्ष्य मुख्य रूप से ईरान के सैन्य ठिकाने और हथियार उत्पादन केंद्र बताए जा रहे हैं। धमाकों की आवाज और आसमान में उठते धुएं के गुबार ने शहर में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान के नागरिक ढांचे पर हमलों को लेकर चर्चा होनी है। इससे यह संकेत मिलता है कि कूटनीतिक प्रयासों के बीच भी सैन्य कार्रवाई लगातार जारी है।
इजरायल के हमलों के तुरंत बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई मिसाइलें दागीं। इजरायल के कई हिस्सों में हवाई हमले के सायरन गूंज उठे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए।
इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली मिसाइलों को रोकने के लिए सक्रिय है, लेकिन लगातार हो रहे हमलों ने नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है।
यह टकराव अब सिर्फ इजरायल और ईरान तक सीमित नहीं रहा। कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात में भी ईरान से आने वाले ड्रोन और मिसाइलों की खबरें सामने आई हैं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं लेबनान की राजधानी बेरूत के आसमान में भी धुआं देखा गया है। हालांकि इजरायल ने वहां हमले की पुष्टि नहीं की है लेकिन हालात इस ओर इशारा कर रहे हैं कि संघर्ष धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र में फैल रहा है।
इस जंग में अमेरिका की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। अमेरिकी नौसेना के जहाज करीब 2,500 मरीन सैनिकों के साथ इस क्षेत्र के पास पहुंच चुके हैं। इसके अलावा 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के लगभग 1,000 पैराट्रूपर्स को भी तैनाती के लिए तैयार रखा गया है। सबसे चौंकाने वाली जानकारी यह सामने आई है कि अमेरिका ने पिछले चार हफ्तों में ईरान के खिलाफ 850 से ज्यादा टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें दाग दी हैं। इतनी बड़ी संख्या में मिसाइलों के इस्तेमाल ने पेंटागन के अधिकारियों को भी चिंता में डाल दिया है और अब हथियारों की उपलब्धता को लेकर अंदरूनी चर्चा शुरू हो गई है।
इस जंग में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है और आंकड़े लगातार बढ़ते जा रहे हैं:
ये आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।
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एक ओर जहां संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन कूटनीतिक समाधान की कोशिश कर रहे हैं, वहीं जमीनी स्तर पर सैन्य कार्रवाई रुकने का नाम नहीं ले रही। अमेरिका और ईरान के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंध हैं और अब इजरायल के साथ बढ़ता यह संघर्ष पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है।