हल्दी नहीं, मौत का ज़हर! मंडप सजने से पहले उठी दुल्हन की अर्थी

इंदौर - मध्य प्रदेश में मिलावटी हल्दी का ऐसा खतरनाक खेल सामने आया है जिसने शादी वाले घरों की खुशियां मातम में बदल दी हैं। खरगोन में हल्दी लगाने के बाद एक दुल्हन की मौत हो गई, जबकि इंदौर के एमवाय अस्पताल में चार दूल्हा-दुल्हनों को गंभीर हालत में भर्ती करना पड़ा। डॉक्टरों का कहना है कि मिलावटी हल्दी में जहरीला रंग “मेटानिल येलो” मिलाया गया था, जिसने शरीर में खतरनाक एलर्जी रिएक्शन पैदा कर दिया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस हल्दी को लोग शुद्धता और परंपरा का प्रतीक मानते हैं, उसी में जहरीले केमिकल मिलाकर बाजार में खुलेआम बेचा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की सुस्ती और खाद्य विभाग की लापरवाही अब सीधे लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ती दिखाई दे रही है।
मंडप सजने से पहले उठ गई दुल्हन की अर्थी
खरगोन जिले के टेकड़ी गांव में रहने वाली 22 वर्षीय राखी की शादी ग्राम खामखेड़ा में तय हुई थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था। 26 अप्रैल को बारात आने वाली थी और घर में खुशियों का माहौल था। लेकिन 22 अप्रैल को हुई हल्दी की रस्म के कुछ घंटे बाद ही सबकुछ बदल गया। परिजनों के मुताबिक रस्म के दौरान बाजार से खरीदी गई हल्दी राखी को लगाई गई थी। रात होते-होते उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। गले में तेज जलन, सांस लेने में तकलीफ, चेहरे और होंठों में सूजन तथा पूरे शरीर पर लाल चकत्ते उभर आए। परिवार घबराकर उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां हालत गंभीर होने पर आईसीयू में भर्ती किया गया।
स्थिति लगातार बिगड़ती देख डॉक्टरों ने उसे इंदौर के शासकीय एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया। यहां एक्स-रे, ईसीजी सहित कई जांचें हुईं, लेकिन गले की सूजन और एलर्जी बढ़ती चली गई। परिवार उसे निजी अस्पताल भी लेकर गया, लेकिन भारी खर्च के कारण दोबारा एमवाय लौटने का निर्णय लिया। इसी दौरान रास्ते में ही राखी ने दम तोड़ दिया।जिस दिन घर में मंडप की रस्म होनी थी, उसी दिन गांव में बेटी की अर्थी उठी। शादी वाला घर चीख-पुकार और मातम में बदल गया।
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इंदौर में भी चार मरीज भर्ती, एक वेंटिलेटर पर पहुंचा
खरगोन की घटना अकेली नहीं है। इंदौर के एमवाय अस्पताल में हाल ही में ऐसे चार मरीज भर्ती हुए, जिनकी हालत हल्दी लगाने के बाद अचानक बिगड़ गई। इनमें एक मरीज की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि उसे वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार मरीजों में सांस फूलना, चेहरे पर सूजन, होंठ फूलना, त्वचा पर लाल चकत्ते, बेचैनी और कमजोरी जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दिए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हल्दी में मिलाए गए जहरीले रंग “मेटानिल येलो” के कारण यह एलर्जी रिएक्शन हुआ।
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
खरगोन के सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को पीड़ित परिवार के घर भेजा गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों ने एमवाय अस्पताल की वह पर्ची भी दिखाई है, जिसमें डॉक्टरों ने “हल्दी से रिएक्शन” का उल्लेख किया है। स्वजन के अनुसार इलाज के दौरान उपयोग की गई हल्दी का सैंपल भी लिया गया था, जिसे जांच के लिए खाद्य विभाग को भेजा गया है। अब रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा कि हल्दी में कौन-कौन से रसायन मिलाए गए थे।
डॉक्टरों ने दी चेतावनी
एमवाय अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि युवती को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। प्रारंभिक जांच में हल्दी से एलर्जी और संक्रमण की आशंका सामने आई थी। चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि शादी-विवाह में उपयोग होने वाली हल्दी और अन्य सामग्री विश्वसनीय स्थान से ही खरीदें और किसी भी एलर्जी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें।












