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आदत नहीं, बीमारी है बिना डॉक्टरी सलाह दवा लेना, बिगाड़ देगी सेहत

कोरोना के बाद दवाओं के दुष्प्रभावों को देखते हुए अब बदल रही आदत, हालांकि रुकी नहीं
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आदत नहीं, बीमारी है बिना डॉक्टरी सलाह दवा लेना, बिगाड़ देगी सेहत

प्रवीण श्रीवास्तव- भोपाल। बीते कुछ सालों में लोगों में सेहत के प्रति जागरुकता बढ़ी है। बीमारी को टालने की जगह अब जांच और इलाज की फ्रिक करते हैं। लेकिन इसके साथ ही सेल्फ मेडिकेशन यानी बिना डॉक्टरी सलाह के दवा लेने की आदत रुकी नहीं है। डॉक्टर सेल्फ मेडिकेशन को आदत नहीं बीमारी मानते हैं। बिना किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लिए लोग फार्मासिस्ट को समस्या के लक्षण बताकर दवाई ले लेते हैं। हालांकि कई विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के दौरान सेल्फ मेडिकेशन के दुष्प्रभावों को देख लोग अब इससे बचने लगे हैं। आज वर्ल्ड हेल्थ डे है... विशेषज्ञों से जानते हैं सेल्फ मेडिकेशन कितना जानलेवा हो सकता है...

सर्दी-जुकाम की दवा ली, वेंटिलेटर पर पहुंचे

30 साल के आर्किटेक्ट आदेश वर्मा को अक्सर सर्दी-जुकाम की समस्या बनी रहती थी। जब भी यह दिक्कत होती तो वे केमिस्ट से दवाएं ले लेते थे, जिससे उन्हें आराम मिल जाता था। कुछ महीनों बाद आदेश की तबीयत इतनी बिगड़ी कि वे वेंटिलेटर पर पहुंच गए। बाद में जांचें हुईं तो पता लगा कि किडनी में संक्रमण है। मेडिकल हिस्ट्री तलाशी तो पता चला कि केमिस्ट उन्हें लगातार स्टेरॉयड दे रहा था, जिसका असर उसकी किडनी पर पड़ा।

अब डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेते दवाएं

पेशे से बैंकर जीशान कोहली ने कोरोना के दौरान सर्दी जुकाम या अन्य दिक्कतों के लिए इंटरनेट पर देख कर खुद ही दवाएं लीं। एक दिन अचानक वे चक्कर खाकर बेहोश हो गए। जांच में पता चला कि एंटीबायोबिक के ओवर डोज से यह दिक्कत हुई। जीशान करीब एक महीने अस्पताल में भर्ती रहे। वे बताते हैं कि अब वे बिना डॉक्टरी सलाह के दवा नहीं लेते हैं।

उम्र और बीमारी के हिसाब से तय होता है डोज

डॉक्टरों के मुताबिक दवाओं पर उसकी मात्रा लिखी होती है। डॉक्टर मरीज की उम्र और बीमारी की गंभीरता के हिसाब से दवा की मात्रा तय करते हैं।

महिलाओं में ज्यादा होती है आदत

खुद से दवा लेने की आदत पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है। प्रेगनेंसी के लिए खुद से कॉन्ट्रासेप्टिव पिल खाना या पीरियड्स में गड़बड़ी होने पर हार्मोनल पिल लेना महिलाओं के लिए आम बात है। खुद से दवा लेंगी तो आपको मोटापा, कैंसर, इनफर्टलिटी आदि समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए डॉक्टर ऐसे मेडिकेशन से बचने की सलाह देते हैं।

होते हैं गंभीर नुकसान: जोड़ों के दर्द होने पर या किसी दुर्घटना में चोट लगने पर लोग दर्द से राहत पाने के लिए पेन किलर ले लेते हैं। लेकिन पेन किलर से जी मिचलाना, गैस की समस्या, पेट दर्द और लूज मोशन आदि हो सकते हैं। ये लिवर-किडनी को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं।

सेल्फ मेडिकेशन बहुत खतरनाक हैं, लेकिन अब आदतें बदली हैं। कोरोना के दौरान दुष्प्रभाव को देखते हुए लोग इससे बच रहे हैं। अब लोग बीमार होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लेते हैं। - डॉ. पराग शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर, जीएमसी

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