‘आनंदमठ’ पर परिचर्चा :वंदे मातरम् के 150 वर्ष पर विशेष चर्चा, यंग थिंकर्स फोरम का हुआ आयोजन
स्वर्णा तिवारी ने बताया कि आनंदमठ केवल साहित्यिक कृति ही नहीं, बल्कि उस समय की राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक भी है। वहीं चर्चा के दौरान उपन्यास के पात्रों, घटनाओं तथा सन्यासी विद्रोह के ऐतिहासिक महत्व पर भी सार्थक विचार-विमर्श हुआ
Aakash Waghmare
17 Mar 2026


























