शराब का ठेका हटाने पहुंचीं महिलाओं को मंत्री की धमकी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने सरकार को घेरा; VIDEO VIRAL

सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में शराब की दुकान हटाने की मांग को लेकर पहुंचीं महिलाओं और राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के बीच हुई बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है। आरोप है कि ग्राम महोडिय़ा की महिलाएं गांव से शराब का ठेका हटाने की मांग लेकर मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के शिविर में पहुंची थीं, लेकिन उन्हें समस्या का समाधान देने के बजाय उनके पति को थाने में बंद कराने की बात कही गई। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार और मंत्री के रवैये पर सवाल उठाए हैं।
शराब दुकान हटाने की मांग लेकर जनविश्वास शिविर पहुंचीं महिलाएं
ग्राम महोडिया की महिलाएं गांव में संचालित शराब की दुकान से परेशान हैं। उनका कहना है कि शराब की बिक्री के कारण गांव का सामाजिक माहौल खराब हो रहा है। शराब पीने के बाद होने वाले विवादों से परिवारों में तनाव बढ़ रहा है और घरेलू जिंदगी भी प्रभावित हो रही है। इसी समस्या को लेकर शुक्रवार को महिलाएं मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत आयोजित जिला स्तरीय शिविर में पहुंचीं। यहां उन्होंने राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के सामने अपनी शिकायत रखी और गांव से शराब का ठेका हटाने की मांग की। महिलाओं को उम्मीद थी कि मंत्री उनकी परेशानी सुनेंगे और शराब दुकान हटाने के लिए प्रशासन को जरूरी निर्देश देंगे। हालांकि, वायरल वीडियो को लेकर सामने आए आरोपों ने पूरे मामले को विवाद में बदल दिया।
मंत्री करण सिंह वर्मा के बयान से बढ़ा विवाद
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मंत्री करण सिंह वर्मा महिलाओं से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि शिकायत सुनने के दौरान उन्होंने एक महिला के पति को थाने में बंद कराने की बात कही। मंत्री के इस कथित बयान को लेकर सवाल उठने लगे हैं। महिलाओं का उद्देश्य गांव से शराब की दुकान हटवाना था, लेकिन अब चर्चा उनकी मूल समस्या के बजाय मंत्री के कथित व्यवहार पर हो रही है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने सरकार को घेरा
मामले पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती ने राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि महिलाएं शराब का ठेका बंद कराने की मांग लेकर पहुंची थीं, न कि अपने पतियों को जेल भेजने की मांग करने। गुजराती ने सवाल उठाया कि गांव की सामाजिक समस्या उठाने वाली महिलाओं को समाधान देने के बजाय इस तरह की बातें क्यों सुननी पड़ रही हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के जनप्रतिनिधियों के व्यवहार में अहंकार दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिकायत को गंभीरता से सुनना चाहिए था और संबंधित अधिकारियों को शराब दुकान के मामले में कार्रवाई के निर्देश देने चाहिए थे।
जनविश्वास अभियान के शिविर पर भी उठे सवाल
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान का उद्देश्य आम लोगों की समस्याएं सुनना और उनका समाधान करना है। इन शिविरों में मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहते हैं, ताकि लोगों को अपनी शिकायतों के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।




















