कैदियों को भोपाल सेंट्रल जेल से मिली राहत:जुर्माने न देने के कारण थे बंद, डालसा की पहल पर मिली आजादी
भोपाल सेंट्रल जेल में बंद सुनीता चोरी के अपराध में अपनी दो साल की सजा पूरी करने के बाद भी एक साल से जेल में थी। क्योंकि वह जुर्माने की राशि नहीं चुका पाई थी। ऐसे में सुनीता की मदद के लिए कुछ हाथ आगे आए और जुर्माने की राशि भर जाने के बाद अब वह अपने घर लौट गई है। न केवल सुनीता, बल्कि साल 2023 से 2025 तक तीन साल में ऐसे 387 कैदियों को उनका अर्थदंड भरकर रिहा कराया गया है।
Rohit Sharma
26 Apr 2026


























