भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने रचा इतिहास :कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में पहुंचीं, पक्का किया सिल्वर; अब गोल्ड पर नजर

भारतीय मुक्केबाज प्रीति पवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के महिला 54 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से हराया। इस जीत के साथ प्रीति ने फाइनल में जगह बना ली है और भारत के लिए कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर दिया है।
तीसरे राउंड में दिखाया दम
प्रीति ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। तीसरे राउंड में उन्होंने शानदार काउंटर अटैक और लगातार सटीक पंच लगाकर मुकाबले पर पूरी पकड़ बनाए रखी। उनके 'लेफ्ट स्ट्रेट' पंच ने विपक्षी खिलाड़ी को काफी परेशान किया। पूरे मैच के दौरान प्रीति ने समझदारी से खेलते हुए अपनी बढ़त कायम रखी।
अब फाइनल मुकाबले में प्रीति पवार का सामना कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो से होगा। अगर वह यह मुकाबला जीत जाती हैं तो भारत की झोली में गोल्ड मेडल आएगा।
जीत के बाद क्या बोलीं प्रीति?
जीत के बाद प्रीति पवार ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि मैंने वही किया, जिसकी तैयारी की थी। गोल्ड मेडल जीतने के लिए मुझे अगले मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। मैं कभी भी अपने प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लेती और अपने कोच के साथ हर मुकाबले की पूरी तैयारी करती हूं।
भिवानी की बेटी ने दिखाया दम
हरियाणा के भिवानी की रहने वाली 22 वर्षीय प्रीति पवार इससे पहले एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुकी हैं। अब उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में भी शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन किया है।
म्वापे के लिए मुश्किल रहा मुकाबला
पूरे मुकाबले के दौरान कैथरीन म्वापे प्रीति के सामने संघर्ष करती नजर आईं। जब भी प्रीति ने लगातार पंचों की बौछार की, जाम्बियाई मुक्केबाज दबाव में आ गईं। पहले दो राउंड में म्वापे को तीन बार 'एट-काउंट' का सामना करना पड़ा। दूसरे राउंड में सभी पांच जजों ने प्रीति के पक्ष में 10-8 का स्कोर दिया।
आखिरी राउंड में म्वापे का पूरा ध्यान सिर्फ प्रीति के हमलों से बचने पर रहा, जबकि भारतीय मुक्केबाज ने आसानी से मुकाबला अपने नाम कर लिया।











