सोहागपुर में हटाने के बाद फिर लगे बिना अनुमति फ्लेक्स, नगर परिषद की कार्रवाई पर उठे सवाल

सोहागपुर में बिना अनुमति फ्लेक्स और होर्डिंग लगाए जाने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। नगर परिषद ने 29 सितंबर को एसडीएम कार्यालय से लगी दीवार के किनारे लगाए गए चार फ्लेक्स हटाए थे, लेकिन अब उन्हीं चारों फ्रेम पर दोबारा फ्लेक्स लगा दिए गए हैं। इससे नगर परिषद की कार्रवाई और सार्वजनिक स्थानों पर प्रचार सामग्री लगाने के नियमों के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामला सामने आने के बाद अब यह देखना होगा कि नगर परिषद केवल फ्लेक्स हटाने तक कार्रवाई सीमित रखती है या बिना अनुमति इन्हें लगाने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कदम उठाती है।
अनुमति नहीं मिलने की बात, कार्रवाई के निर्देश
नगर परिषद की राजस्व शाखा के प्रभारी संजय परसाई के अनुसार, संबंधित फ्लेक्स लगाने के लिए निकाय की ओर से अनुमति जारी नहीं की गई थी। उन्होंने बताया कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) धर्मेंद्र शर्मा के निर्देशानुसार बिना अनुमति फ्लेक्स लगाने के मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। परसाई के मुताबिक कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ भी की जा सकती है, जो बिना अनुमति फ्लेक्स तैयार कर उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर लगाने का काम करते हैं।
हटाए गए फ्लेक्स उसी जगह फिर लगाए
करीब डेढ़ सप्ताह पहले नगर परिषद के कर्मचारियों ने बैनर लिफ्टर मशीन की मदद से संबंधित चारों फ्रेम पर लगे फ्लेक्स हटाए थे। कर्मचारियों ने मशीन पर चढ़कर ब्लेड से फ्लेक्स काटे और उन्हें निकाल दिया था। इसके बावजूद उन्हीं फ्रेमों पर दोबारा फ्लेक्स लगा दिए गए। इस घटनाक्रम के बाद सवाल उठ रहा है कि पहली कार्रवाई के बावजूद नियमों का उल्लंघन कैसे जारी रहा और क्या आगे ऐसे मामलों में केवल फ्लेक्स हटाने के बजाय जिम्मेदार लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें: सिवनी जिला अस्पताल के SNCU में 6 महीने में 80 नवजातों की मौत, जांच शुरू
शुल्क लेकर अनुमति देने की व्यवस्था पर विचार
नगर परिषद उपाध्यक्ष आकाश रघुवंशी ने बताया कि निकाय ऐसी व्यवस्था बनाने पर विचार कर रहा है, जिसके तहत निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद संबंधित व्यक्ति को तय शर्तों के साथ फ्लेक्स और बैनर लगाने की अनुमति दी जा सके। इस व्यवस्था के लागू होने पर लोग निर्धारित स्थानों पर नियमों के अनुसार प्रचार सामग्री लगा सकेंगे। साथ ही, नगर परिषद को इससे राजस्व भी प्राप्त हो सकता है। हालांकि यह व्यवस्था अभी विचार के स्तर पर है।
बिना अनुमति फ्लेक्स लगाने से निकाय को नहीं मिलता राजस्व
नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि यशवंत पटेल ने कहा कि कई लोग अनुमति लिए बिना ही संबंधित फ्रेमों पर फ्लेक्स और बैनर लगा देते हैं। ऐसी स्थिति में नगर परिषद को कोई आय नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग दबंगई दिखाकर दूसरों को उन्हीं फ्रेमों पर प्रचार सामग्री लगाने से रोकते हैं।पटेल के अनुसार ऐसी स्थिति को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए फ्लेक्स-बैनर लगाने से पहले नगर परिषद की अनुमति अनिवार्य करने की बात कही गई है। इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं होने से निकाय के सामने चुनौती बनी हुई है।
ये भी पढ़ें: दमोह में 3,200 मछुआ परिवारों की जिम्मेदारी सिर्फ 7 कर्मचारियों पर, मत्स्य विभाग में पद खाली
अब कार्रवाई होगी या शुल्क व्यवस्था लागू होगी?
हटाए जाने के बाद उन्हीं फ्रेमों पर दोबारा फ्लेक्स लगाए जाने से नगर परिषद के अगले कदम पर नजरें टिकी हैं। अब सवाल है कि निकाय बिना अनुमति लगाई गई प्रचार सामग्री हटाने के साथ संबंधित लोगों पर कार्रवाई करेगा या निर्धारित शुल्क लेकर सशर्त अनुमति देने की व्यवस्था लागू करेगा।




















