पंजाब : CM भगवंत मान के वायरल वीडियो मामले में ED का समन, पेश होंगे लुधियाना के पुलिस कमिश्नर

चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब के लुधियाना के पुलिस कमिश्नर और IPS अधिकारी स्वप्न शर्मा को समन जारी किया है। उन्हें 19 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ स्थित ED कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया गया है। यह मामला पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक विवादित वायरल वीडियो से जुड़ा है। आरोप है कि वीडियो को AI से तैयार या एडिटेड बताने के लिए कथित तौर पर फर्जी फॉरेंसिक और साइबर एनालिसिस रिपोर्ट तैयार कराई गई थीं।
PMLA के तहत जारी हुआ समन
ED ने स्वप्न शर्मा को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA), 2002 की धारा 50(2) और 50(3) के तहत समन जारी किया है। समन में जांच या कार्यवाही के सिलसिले में उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी बताई गई है। यह मामला गुरुग्राम पुलिस की ओर से दर्ज FIR और दो आरोपियों अरुण मेहरंद्रू तथा अंकित की गिरफ्तारी से संबंधित है। दोनों पर कथित तौर पर फर्जी फॉरेंसिक और साइबर विश्लेषण रिपोर्ट तैयार करने का आरोप है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
जून 2026 के आखिरी दिनों में हरियाणा के सिरसा निवासी डिजिटल फॉरेंसिक विशेषज्ञ जसप्रीत सिंह, जिन्हें जस्सी के नाम से भी जाना जाता है, की शिकायत पर गुरुग्राम के DLF सेक्टर-29 थाने में FIR दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि पंजाब सरकार और पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने उन पर ऐसी रिपोर्ट तैयार कराने का दबाव बनाया, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान के विवादित वीडियो को AI से तैयार, एडिटेड या फर्जी बताया जाए।
वीडियो और फॉरेंसिक रिपोर्ट को लेकर क्या आरोप हैं?
वीडियो में कथित तौर पर सिख गुरुओं की तस्वीरों से जुड़े एक आपत्तिजनक कृत्य को दिखाए जाने का दावा किया गया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस वीडियो को लेकर ऐसी रिपोर्ट जारी की गईं, जिनके साइफर सेंटिनल लैब और साइबर यान जैसी लैब के नाम से जारी होने की बात कही गई। शिकायत में इन लैब के अस्तित्व और आधिकारिक पंजीकरण पर भी सवाल उठाए गए। शिकायतकर्ता ने गुरुग्राम के क्राउन प्लाजा होटल की CCTV फुटेज का भी हवाला दिया। उसने इसे बैठकों से जुड़े अपने आरोपों के समर्थन में पेश किया। इस मामले में अदालत ने आरोपियों की पुलिस रिमांड भी मंजूर की थी।
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स्वप्न शर्मा का नाम कैसे आया?
मामले में पंजाब के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की कथित भूमिका को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप हुए। विपक्षी दलों ने लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा समेत कुछ अधिकारियों के नाम उठाए। हालांकि, इन आरोपों को अपने आप में दोष साबित होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। आम आदमी पार्टी (AAP) ने आरोपों को राजनीतिक बदले से प्रेरित बताया और वीडियो को AI जनरेटेड या डीपफेक करार दिया। ED के समन के बाद अब 19 अक्टूबर को स्वप्न शर्मा की पेशी और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी। जांच में संबंधित फॉरेंसिक और साइबर विश्लेषण रिपोर्टों को लेकर भी जानकारी सामने आ सकती है।




















