अनुकंपा नियुक्ति की मांग पर बड़ा प्रदर्शन,14 अक्टूबर को अंबेडकर चौक पर भीख मांगेंगी दिवंगत शिक्षाकर्मियों की विधवाएं

रायपुर: छत्तीसगढ़ में दिवंगत शिक्षाकर्मी संवर्ग के शेष आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। लंबे समय से नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे परिवारों ने 14 अक्टूबर 2026 को रायपुर के अंबेडकर चौक पर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। मांग पूरी नहीं होने पर दिवंगत शिक्षाकर्मियों की विधवाएं अपने बच्चों के साथ भीख मांगकर विरोध जताएंगी। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो महिलाओं ने मुंडन कराकर विरोध दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
अनुकंपा नियुक्ति के लिए 14 अक्टूबर को प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ में दिवंगत शिक्षाकर्मियों (पंचायत एवं नगरीय निकाय संवर्ग) के शेष आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग को लेकर आंदोलन की तैयारी है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिल पाई है। इसी के विरोध में 14 अक्टूबर 2026 को रायपुर के अंबेडकर चौक पर धरना-प्रदर्शन कर शासन का ध्यान आकर्षित करने की योजना बनाई गई है।
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बच्चों के साथ भीख मांगकर जताएंगी विरोध
प्रस्तावित आंदोलन के तहत दिवंगत शिक्षाकर्मियों की विधवाएं अपने बच्चों के साथ भीख मांगकर विरोध दर्ज कराने की चेतावनी दे रही हैं। उनका उद्देश्य परिवारों की आर्थिक बदहाली और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ी लंबित मांग को शासन के सामने प्रमुखता से रखना है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि पात्र आश्रितों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप रोजगार दिया जाए।
सुनवाई नहीं हुई तो मुंडन कराने की चेतावनी
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रदर्शन के बाद भी उनकी मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो महिलाएं मुंडन कराकर विरोध जताने के लिए विवश होंगी। यह चेतावनी लंबे समय से लंबित समस्या को लेकर परिवारों की नाराजगी और निराशा को दर्शाती है।
कमाऊ सदस्य की मौत के बाद परिवारों पर आर्थिक संकट
दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिवारों के सामने आजीविका, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्चों का संकट बना हुआ है। परिवारों के मुताबिक, घर के कमाऊ सदस्य की मृत्यु के बाद आर्थिक स्थिति संभालना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में पात्र आश्रितों के लिए अनुकंपा नियुक्ति केवल नौकरी नहीं, बल्कि परिवार के भरण-पोषण और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने का सहारा है।
योग्यता के अनुसार तृतीय और चतुर्थ श्रेणी में नौकरी की मांग
आश्रित परिवारों की प्रमुख मांग है कि शेष पात्र अभ्यर्थियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। उनका कहना है कि इस मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जाना चाहिए।
लंबे संघर्ष के बाद भी समाधान का इंतजार
संघ और प्रभावित परिवारों के अनुसार, अनुकंपा नियुक्ति का मुद्दा लंबे समय से उठाया जा रहा है। पूर्व में भी विभिन्न माध्यमों से शासन तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की गई, लेकिन शेष आश्रितों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। अब 14 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन के जरिए एक बार फिर सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने की तैयारी है।
शासन से शीघ्र निर्णय लेने की अपील
प्रभावित परिवारों ने शासन से मांग की है कि पात्रता और निर्धारित नियमों के अनुरूप शेष आश्रितों के मामलों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए। फिलहाल आंदोलनकारियों की नजर 14 अक्टूबर को होने वाले प्रस्तावित प्रदर्शन और उसके बाद शासन की प्रतिक्रिया पर है।




















