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सोहागपुर में बदहाल सड़क को लेकर भाजपा समर्थक पानी भरे गड्ढों के बीच धरने पर बैठे

सोहागपुर में सांदीपनि विद्यालय के सामने बदहाल सड़क और जलभराव को लेकर भाजपा समर्थित कार्यकर्ताओं के चक्काजाम के बाद सियासत गरमा गई। भाजपा ने इसे सड़क सुधार की पहल बताया, जबकि कांग्रेस ने चक्काजाम को नौटंकी करार दिया। 
सोहागपुर में बदहाल सड़क को लेकर भाजपा समर्थक पानी भरे गड्ढों के बीच धरने पर बैठे
सोहागपुर। सांदीपनि स्कूल रोड की दुर्दशा को लेकर धरने पर बैठे भाजपाई।

सोहागपुर। सांदीपनि विद्यालय के सामने स्टेट हाईवे की बदहाल सड़क और जलभराव की समस्या को लेकर भाजपा समर्थित कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए चक्काजाम के बाद क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है। भाजपा कार्यकर्ता जहां चक्काजाम को सड़क सुधार की दिशा में उठाया गया प्रभावी कदम बता रहे हैं, वहीं कांग्रेस ने इसे नाटक और नौटंकी करार देते हुए भाजपा पर ही सवाल खड़े किए हैं।

चार-पांच बार भरी जा चुकी है गिट्टी

सांदीपनि विद्यालय के सामने सड़क पर जलभराव की समस्या इस वर्ष बारिश शुरू होने के बाद से लगातार बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर अब तक चार से पांच बार गड्ढों में गिट्टी डालकर उन्हें भरने का प्रयास किया जा चुका है। बारिश के पानी के कारण कुछ ही दिनों में गिट्टी बह जाने से सड़क की स्थिति पुनः खराब हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढों में बार-बार गिट्टी डालना स्थायी सड़क निर्माण का विकल्प नहीं है। बारिश के दौरान डाली गई गिट्टी के बह जाने के बाद सड़क की स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।

एमपीआरडीसी के स्वामित्व में है सड़क

सांदीपनि विद्यालय के सामने की सड़क मूल रूप से एमपीआरडीसी के स्वामित्व की है। नई सड़क निर्माण की जिम्मेदारी भी एमपीआरडीसी की है। वहीं स्थानीय स्तर पर जल निकासी, साइड शोल्डर और छोटे-मोटे गड्ढों की मरम्मत जैसे कार्य नगर परिषद द्वारा कराए जा सकते हैं। बताया गया है कि नगर परिषद द्वारा एमपीआरडीसी से पत्राचार किया गया है। वहीं सोहागपुर एसडीएम द्वारा भी एमपीआरडीसी के अधिकारियों से मौखिक चर्चा के साथ लिखित पत्राचार किया गया है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा के सोहागपुर प्रवास के दौरान भी सड़क के गड्ढों में गिट्टी भरने का कार्य कराया गया था।

 400 मीटर सीसी रोड का प्रस्ताव भोपाल भेजा

सांदीपनि विद्यालय के सामने सड़क की गंभीर स्थिति को देखते हुए एमपीआरडीसी द्वारा सोहागपुर प्रशासन की मांग पर करीब 400 मीटर सीसी रोड निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर वरिष्ठ कार्यालय भोपाल भेजा जा चुका है। प्रस्तावित सड़क की लागत लगभग एक करोड़ 33 लाख रुपये बताई गई है। हालांकि प्रस्ताव को अभी स्वीकृति मिलना शेष है। स्वीकृति के बाद ही राशि आवंटन और आगे की निर्माण प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि एक करोड़ रुपये से अधिक के इस कार्य को स्वीकृति दिलाने में क्षेत्रीय विधायक की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

भाजपा मंडल अध्यक्ष ने दी थी धरने की चेतावनी

भाजपा मंडल अध्यक्ष अश्विनी सरोज ने गत 1 सितंबर को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सोहागपुर को ज्ञापन सौंपकर सड़क की स्थिति सुधारने की मांग की थी। ज्ञापन में चेतावनी दी गई थी कि तीन दिवस के भीतर स्थिति में सुधार नहीं होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद गत 6 सितंबर को सांदीपनि विद्यालय के सामने भाजपा समर्थित कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों द्वारा चक्काजाम किया गया। करीब 20 मिनट चले चक्काजाम के दौरान गिट्टी से भरा ट्रक मौके पर पहुंचा और जेसीबी की सहायता से गिट्टी सड़क के गड्ढों में फैलाई गई।

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गिट्टी डालने को बताया जा रहा सड़क निर्माण

चक्काजाम के बाद सोशल मीडिया पर सड़क निर्माण शुरू होने का दावा किए जाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बारिश शुरू होने के बाद से गड्ढों में गिट्टी डालने का काम चार-पांच बार पहले भी हो चुका है। इसलिए गिट्टी डालकर गड्ढे भरने की प्रक्रिया को सड़क निर्माण बताना क्षेत्र की जनता को भ्रमित करने जैसा है।

कांग्रेस ने चक्काजाम को बताया 'नौटंकी'

कांग्रेस की ओर से पुष्पराज सिंह पटेल और मीडिया प्रभारी अनंत तिवारी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर भाजपा के चक्काजाम पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने इसे सोची-समझी राजनीतिक नौटंकी बताते हुए सड़क पर जलभराव के मूल कारणों की जांच की मांग की है। पुष्पराज सिंह पटेल का आरोप है कि सड़क पर जलभराव की समस्या अचानक पैदा नहीं हुई है। बारिश पहले भी होती थी और सड़क भी पहले से थी, लेकिन इस स्तर पर जलभराव की स्थिति नहीं बनती थी। उनका आरोप है कि क्षेत्र में पानी के प्राकृतिक बहाव और निकासी के स्रोतों में बदलाव किए जाने के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है।

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कॉलोनी निर्माण से प्राकृतिक जल निकासी प्रभावित होने का आरोप

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े एक नेता द्वारा काटी गई कॉलोनी के कारण बरसाती पानी की निकासी के प्राकृतिक ढलान को समाप्त कर दिया गया। उनके अनुसार इसी कारण बारिश का पानी सांदीपनि विद्यालय के सामने जमा हो रहा है और लगातार जलभराव के चलते डामर की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जिन लोगों की कथित भूमिका जल निकासी की समस्या पैदा करने में रही है, उन्हीं से जुड़े लोगों द्वारा अब अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ धरना और चक्काजाम किया जा रहा है।

Neelam Tiwari
By Neelam Tiwari

नीलम तिवारी - सोहागपुर के वरिष्ठ पत्रकार, 40 वर्षों से निष्पक्ष, जनसरोकार और ग्रामीण मुद्दों की निर्...Read More

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