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सावन के आखिरी सोमवार पर सिंहेश्वर मंदिर में भगदड़़, कई श्रद्धालु अस्पताल पहुंचे; पुलिसकर्मी भी घायल

बिहार के मधेपुरा स्थित प्रसिद्ध सिंहेश्वर मंदिर में सावन के आखिरी सोमवार को भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।
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सावन के आखिरी सोमवार पर सिंहेश्वर मंदिर में भगदड़़, कई श्रद्धालु अस्पताल पहुंचे; पुलिसकर्मी भी घायल
सिंहेश्वर मंदिर में सावन के आखिरी सोमवार के दिन मची भगदड़

बिहार के मधेपुरा जिले के प्रसिद्ध सिंहेश्वर मंदिर में सावन के आखिरी सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान कई श्रद्धालु गिरकर घायल हो गए। घटना सोमवार सुबह की बताई जा रही है। सावन के आखिरी सोमवार होने के कारण मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे। भीड़ बढ़ने के साथ ही मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर दबाव बढ़ गया। इसी दौरान कतार टूट गई और लोगों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

बैरिकेडिंग टूटने से बढ़ी परेशानी

सुबह करीब 8 बजे के बाद श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। भीड़ का दबाव इतना ज्यादा हो गया कि मंदिर परिसर में लगाई गई बैरिकेडिंग भी टूट गई। बैरिकेडिंग टूटते ही लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इस दौरान करीब आधा दर्जन श्रद्धालुओं के गिरकर घायल होने की जानकारी सामने आई है। लोगों को सुरक्षित निकालने और भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी भी घायल हो गया। बताया गया कि भीड़ के दबाव में उसकी वर्दी तक फट गई। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और लोगों को व्यवस्थित करने की कोशिश शुरू की।

घायलों को अस्पताल भेजा गया

भगदड़ जैसी स्थिति में घायल हुए श्रद्धालुओं को तत्काल इलाज के लिए जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने घायलों की जांच कर उनका इलाज शुरू किया। घायलों में सहरसा के सोनबरसा थाना क्षेत्र के जलसीमा वार्ड-4 की रहने वाली रूना देवी, सुपौल के मानगंज निवासी सिंटू कुमार, पुलिसकर्मी सिद्धांत कुमार और सुलेना देवी समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। प्रशासन की ओर से घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल घटना में किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है।

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रात एक बजे से मंदिर पहुंचने लगे थे श्रद्धालु

सिंहेश्वर मंदिर में सावन के आखिरी सोमवार को जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रात से ही जुटने लगी थी। जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 1 बजे सरकारी पूजा पूरी होने के बाद मंदिर के पट खुलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु जल चढ़ाने के लिए परिसर में पहुंचने लगे। इसके बाद धीरे-धीरे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई। सुबह तक मंदिर परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ जलाभिषेक के लिए आगे बढ़ने की कोशिश के कारण भीड़ पर दबाव बढ़ गया। इसी दौरान कतार टूटने से स्थिति बिगड़ गई और कुछ देर के लिए भगदड़ जैसा माहौल बन गया।

DM और SP समेत बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे

स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही मधेपुरा जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP), अनुमंडल पदाधिकारी (SDM) और SDPO समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। अतिरिक्त पुलिस बल को भी बुलाया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को समझाकर दोबारा कतार में लगाने की कोशिश की। धीरे-धीरे भीड़ को नियंत्रित किया गया और जलाभिषेक की व्यवस्था फिर से शुरू कराई गई। प्रशासन की प्राथमिकता मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखना और भीड़ को दोबारा बेकाबू होने से रोकना रही।

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स्थिति नियंत्रण में, पूजा-अर्चना जारी

घटना के बाद मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने की कोशिश की जा रही है। स्थिति सामान्य होने के बाद मंदिर में जलार्पण और पूजा-अर्चना दोबारा जारी कर दी गई। प्रशासन और मंदिर न्यास समिति की ओर से श्रद्धालुओं से धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है और भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

सावन में पहले भी हो चुका है बड़ा हादसा

सावन के दौरान बिहार में मंदिरों में भारी भीड़ के कारण पहले भी हादसे हो चुके हैं। इससे कुछ दिन पहले 17 अगस्त को लखीसराय के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में भी भगदड़ की घटना हुई थी। अशोक धाम में सावन के तीसरे सोमवार को जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान बिजली के पोल में करंट फैलने की अफवाह के बाद अचानक भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। घटना के बाद मंदिरों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे थे।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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