Mp Weather Update: 22 जिलों में झमाझम बारिश का दौर, डिंडौरी-बालाघाट में 8 इंच बारिश की चेतावनी, कई जिले होंगे तरबतर

मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया के असर से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जोरदार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए डिंडौरी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह, सिवनी, जबलपुर, मंडला, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, रीवा, मऊगंज, सीधी और छतरपुर में भारी बारिश हो सकती है। वहीं भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, सतना, सिंगरौली, मैहर, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। इन जगहों पर कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।
भोपाल में रात को बरसे बादल, विदिशा में सड़कें जलमग्न
रविवार रात भोपाल में तेज बारिश हुई। वहीं विदिशा के लटेरी में करीब एक घंटे तक लगातार बारिश होने से मेन बाजार की सड़क पर पानी भर गया। लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।
अति भारी बारिश का अलर्ट
- डिंडौरी, बालाघाट
भारी बारिश का अलर्ट
- विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम
- बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर
- दमोह, सिवनी, जबलपुर, मंडला
- कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर
- रीवा, मऊगंज, सीधी, छतरपुर
बारिश की संभावना
- भोपाल, सीहोर, राजगढ़, इंदौर
- धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर
- बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ
- उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा
- मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम
- हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी
- दतिया, अशोकनगर, मुरैना
- भिंड, श्योपुर, सतना, सिंगरौली
- मैहर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी
27 अगस्त तक बारिश का दौर
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, प्रदेश में 27 अगस्त तक बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। पूर्वी हिस्से के साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कई जगह तेज बारिश होने की संभावना है।
MP में अब तक 24.8 इंच बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अब तक करीब 629.8 मिलीमीटर यानी 24.8 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस समय तक 707.3 मिलीमीटर यानी करीब 27.8 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में अभी करीब 11 फीसदी बारिश कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 8 फीसदी कम है, जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी करीब 14 फीसदी है।
39 जिलों में सामान्य से कम बारिश
प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी करीब 19 फीसदी तक पहुंच गई है। कई जिलों में सामान्य से 6 से 50 फीसदी तक कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिले शामिल हैं। पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से कम बारिश हुई है।
इन 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर है। अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा पानी गिर चुका है।
जून में कमी, जुलाई-अगस्त ने संभाला मोर्चा
इस मानसून सीजन की शुरुआत में बारिश कुछ कमजोर रही। जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 फीसदी कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार आया, लेकिन बाद में मानसून ने ब्रेक लिया और कई दिनों तक बारिश कम रही। अब अगस्त के आखिरी दौर में एक बार फिर मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ है। इससे कई जिलों में अच्छी बारिश हो रही है। जुलाई में बारिश का कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून में हुई कमी की पूरी भरपाई अभी नहीं हो पाई है।
MP में सामान्य बारिश 37.3 इंच
मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन के दौरान औसतन करीब 37.3 इंच बारिश होती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य बारिश 38 से 39 इंच के आसपास रहती है।
भोपाल: अगस्त में 35 इंच बारिश का रिकॉर्ड
भोपाल में अगस्त के महीने में बारिश का पुराना रिकॉर्ड काफी मजबूत है। साल 2006 में अगस्त के दौरान करीब 35 इंच बारिश दर्ज की गई थी। इसी साल 14 अगस्त को सिर्फ 24 घंटे में करीब 12 इंच पानी गिरा था। 2015 और 2022 में भी अगस्त के दौरान भोपाल में 30 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। राजधानी में अगस्त में औसतन करीब 14 दिन बारिश होती है।
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इंदौर: 1944 में हुई थी रिकॉर्ड बारिश
इंदौर में अगस्त महीने में सबसे ज्यादा करीब 28 इंच बारिश का रिकॉर्ड 1944 में बना था। वहीं 22 अगस्त 2020 को 24 घंटे में करीब साढ़े 10 इंच बारिश हुई थी, जो शहर की बड़ी बारिश में शामिल है। पिछले एक दशक में भी इंदौर में दो बार अगस्त में 17 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। यहां अगस्त में औसतन 10 से 11 इंच बारिश होती है।
ग्वालियर: 24 घंटे में साढ़े 8 इंच बारिश
ग्वालियर में 10 अगस्त 1927 को 24 घंटे के दौरान करीब साढ़े 8 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी। वहीं अगस्त में सबसे ज्यादा करीब 28 इंच बारिश साल 1916 में दर्ज हुई थी। ग्वालियर में अगस्त की औसत बारिश करीब साढ़े 9 इंच है और महीने में औसतन 12 दिन बारिश होती है।
जबलपुर: 1923 में 44 इंच बारिश से मचा था हड़कंप
जबलपुर में अगस्त महीने में सबसे ज्यादा करीब 44 इंच बारिश का रिकॉर्ड है। यह रिकॉर्ड साल 1923 में बना था। इसी साल 20 अगस्त को 24 घंटे में करीब 13 इंच बारिश हुई थी। शहर में अगस्त के दौरान औसतन करीब 18 इंच बारिश होती है और करीब 16 दिन बारिश का दौर रहता है। साल 2019 में भी जबलपुर में अगस्त के दौरान 30.61 इंच बारिश दर्ज की गई थी।
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उज्जैन: 2006 में अगस्त में बरसा था खूब पानी
उज्जैन में अगस्त महीने में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड साल 2006 का है। उस साल करीब 35 इंच पानी गिरा था। इसी दौरान 10 अगस्त को 24 घंटे में करीब 12 इंच बारिश दर्ज की गई थी। उज्जैन में अगस्त की सामान्य बारिश करीब 10 इंच है और महीने में औसतन 10 से 11 दिन बारिश होती है।





















