नागपुर में क्लोरीन गैस लीक से हड़कंप, 40 लोग अस्पताल में भर्ती; 5 लोगों की हालत गंभीर

महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार को क्लोरीन गैस लीक होने से हड़कंप मच गया। यह घटना गोधनी नगर पंचायत के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में हुई। यहां पानी साफ करने का काम चल रहा था। इसी दौरान प्लांट में क्लोरीन गैस का रिसाव हो गया। गैस फैलने के बाद प्लांट में काम कर रहे कर्मचारियों और आसपास रहने वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। देखते ही देखते कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव का काम शुरू किया।
करीब 40 लोगों को सांस लेने में हुई परेशानी
जानकारी के अनुसार, क्लोरीन गैस के संपर्क में आने से करीब 35 से 40 लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में काम करने वाले करीब 8 से 10 कर्मचारी और आसपास के इलाके में रहने वाले 20 से 25 लोग शामिल हैं। गैस के असर के बाद लोगों को सांस लेने में परेशानी, बेचैनी और अन्य दिक्कतें महसूस होने लगीं। स्थिति बिगड़ने पर प्रभावित लोगों को तुरंत अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने मरीजों की जांच शुरू की और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
4 से 5 मरीज ICU में भर्ती
गैस रिसाव की चपेट में आए लोगों में से करीब 4 से 5 लोगों की हालत ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। उन्हें बेहतर इलाज और निगरानी के लिए अस्पताल की इंटेंसिव केयर यूनिट यानी ICU में रखा गया है। वहीं, बाकी मरीजों का सामान्य वार्ड में इलाज चल रहा है। डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के अनुसार इलाज किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उन्हें तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सकी।
12 लोगों को इलाज के बाद मिली छुट्टी
जानकारी के मुताबिक, गैस रिसाव के बाद करीब 35 से 40 लोग अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचे थे। इनमें से 12 लोगों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। बाकी लोगों का इलाज अभी जारी है। अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। गंभीर मरीजों को ICU में रखकर विशेष देखभाल की जा रही है।
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125 से 150 परिवारों को सुरक्षित जगह पहुंचाया
गैस रिसाव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 125 से 150 परिवारों को उनके घरों से बाहर निकालकर सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया गया है। प्रशासन की कोशिश है कि गैस के प्रभाव से किसी और व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे। आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
मौके पर पहुंचीं NDRF और अन्य टीमें
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। इसके अलावा NDRF, नागपुर नगर निगम (NMC), स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग की टीमें भी राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। टीमें गैस रिसाव के प्रभाव को कम करने और इलाके को सुरक्षित बनाने के लिए काम कर रही हैं। साथ ही आसपास के क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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वजह का पता लगाने में जुटा प्रशासन
फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस का रिसाव किस वजह से हुआ। यह भी जांच की जा रही है कि गैस कितनी मात्रा में लीक हुई और इसका असर आसपास के कितने इलाके तक पहुंचा। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना और गैस के कारण किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान से बचाना है। अधिकारियों की टीमें प्लांट और आसपास के क्षेत्र की जांच कर रही हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जरूरी सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद गोधनी इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। लोगों को गैस प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की ओर से स्थिति सामान्य होने तक जरूरी सावधानी बरतने को कहा गया है। दमकलकर्मी और अन्य राहत दल मौके पर मौजूद हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तैयार रखी गई हैं।




















