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चार महीने से कौशाम्बी में कर रहे थे चोरी, प्रयागराज में बेचने जा रहे थे माल; पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचा

कौशाम्बी में चार महीने से चोरी और नकबजनी की वारदातों को अंजाम दे रहे गैंग का पुलिस ने खुलासा किया है। रोही चौराहे पर मुठभेड़ के बाद चार आरोपी गिरफ्तार हुए। एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हुआ। पुलिस ने फॉर्च्यूनर, तमंचा, कारतूस, नकदी और लाखों के जेवर बरामद किए हैं।
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चार महीने से कौशाम्बी में कर रहे थे चोरी, प्रयागराज में बेचने जा रहे थे माल; पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचा

उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में पिछले कई महीनों से चोरी और नकबजनी की वारदातों को अंजाम दे रहे एक गैंग का पुलिस ने खुलासा किया है। कोखराज पुलिस और SOG की संयुक्त टीम ने 22 और 23 अगस्त की दरम्यानी रात रोही चौराहे पर चेकिंग के दौरान फॉर्च्यूनर सवार चार संदिग्धों को घेरा। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान एक आरोपी ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जबकि उसके तीन साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के पास से तमंचा, कारतूस, एक लाख रुपये से ज्यादा नकदी, लाखों के जेवर और फॉर्च्यूनर बरामद हुई है।

सात मुकदमों के बाद पुलिस ने शुरू की थी जांच

कोखराज थाना क्षेत्र में पिछले कई महीनों से रात के समय घरों में चोरी और नकबजनी की घटनाएं सामने आ रही थीं। बदमाश ताले तोड़कर या घर की दीवार में सेंध लगाकर गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी कर फरार हो जाते थे। इन घटनाओं को लेकर कोखराज थाने में चोरी और नकबजनी के सात मुकदमे दर्ज किए गए थे। लगातार हो रही वारदातों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया। पुलिस टीमों ने CCTV फुटेज और सर्विलांस की मदद से संदिग्धों की पहचान शुरू की। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की गई। इसी दौरान पुलिस को कथित गैंग के बारे में अहम सुराग मिला।

रोही चौराहे पर फॉर्च्यूनर को रोकने की कोशिश

22 और 23 अगस्त की रात कोखराज पुलिस और SOG की टीम रोही चौराहे पर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि संदिग्ध फॉर्च्यूनर वहां से गुजरने वाली है। पुलिस ने बताए गए वाहन को रोकने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक, फॉर्च्यूनर सवार लोगों ने वाहन भगाने की कोशिश की। खुद को घिरा देखकर एक आरोपी ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने आत्मसमर्पण की चेतावनी के बावजूद दोबारा फायरिंग की। इस दौरान कोखराज थाना प्रभारी बाल-बाल बच गए। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।

पैर में गोली लगने के बाद पकड़ा गया बदमाश

जवाबी फायरिंग के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी और वह मौके पर गिर गया। पुलिस ने उसे पकड़कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। वहीं वाहन में मौजूद उसके तीन अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, घायल आरोपी के पास से 315 बोर का अवैध तमंचा, जिंदा कारतूस और खोखा बरामद हुआ है।

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लाखों के जेवर और एक लाख से ज्यादा नकदी बरामद

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पीली और सफेद धातु के जेवरात बरामद किए हैं। इसके अलावा एक लाख रुपए से ज्यादा की नकदी और चोरी की वारदातों में इस्तेमाल की जा रही फॉर्च्यूनर भी पुलिस के हाथ लगी है। पुलिस का दावा है कि बरामद सामान चोरी की अलग-अलग घटनाओं से जुड़ा हो सकता है। इसकी पुष्टि के लिए पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

चार महीने से घरों को बना रहे थे निशाना

पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वे करीब चार महीने से कौशाम्बी के अलग-अलग इलाकों में चोरी कर रहे थे। गैंग पहले ऐसे इलाकों की पहचान करता था, जहां रात में आसानी से वारदात की जा सके। इसके बाद आरोपी ताले तोड़कर या घरों की दीवार में सेंध लगाकर अंदर घुसते और नकदी, गहने समेत अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस के मुताबिक, चोरी किए गए गहने और अन्य सामान को बेचने के लिए आरोपी प्रयागराज जा रहे थे, लेकिन रास्ते में पुलिस की चेकिंग के दौरान पकड़ लिए गए।

पुलिस से बचने के लिए रखते थे तमंचा

पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर यह भी बताया कि वे अपने पास तमंचा और कारतूस रखते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों का कहना था कि अगर चोरी के दौरान या उसके बाद पुलिस उन्हें पकड़ने की कोशिश करती तो वे फायरिंग कर भागने का प्रयास करते। पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य मामलों और गैंग के संभावित साथियों की जानकारी जुटा रही है।

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अलीशान पर सात, प्रदीप पर तीन मुकदमे

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अलीशान पुत्र कल्लू, निवासी गनसरी, थाना संदीपनघाट; प्रदीप पुत्र राम सूरत, निवासी ओसा, थाना मंझनपुर; दीपक सोनी पुत्र अजय सोनी, निवासी खल्लाबाद भरवारी, थाना कोखराज; और मसरूर पुत्र मोहम्मद अच्छे, निवासी सिहोरी, थाना कोखराज के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, अलीशान के खिलाफ अलग-अलग थानों में सात मुकदमे दर्ज हैं। प्रदीप के खिलाफ तीन मामले दर्ज बताए गए हैं, जबकि मसरूर के खिलाफ भी एक मुकदमा दर्ज है। पुलिस सभी आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। एसपी सत्यनारायण के मुताबिक, आरोपियों से पूछताछ और बरामद सामान के आधार पर चोरी की अन्य घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है। फिलहाल चारों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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