सिंगरौली:8 साल के बेटे की मौत के बाद बेबस पिता, शव वाहन न मिलने पर बाइक से घर ले जाना पड़ा शव

सिंगरौली जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनहीनता एक बार फिर सामने आई है। चितरंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सर्पदंश से आठ वर्षीय मासूम की मौत के बाद परिजनों को शव वाहन तक उपलब्ध नहीं कराया गया। मजबूर पिता को अपने बेटे का शव गोद में लेकर मोटरसाइकिल से गांव लौटना पड़ा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सांप के काटने के बाद अस्पताल लाया गया था बच्चा
जानकारी के अनुसार चितरंगी क्षेत्र के ग्राम हरफरी निवासी बाबूलाल सिंह के आठ वर्षीय बेटे राकेश को शनिवार रात सांप ने काट लिया था। परिजन गंभीर हालत में उसे तत्काल चितरंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। हालांकि रविवार सुबह करीब 9 बजे इलाज के दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया।
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तीन घंटे तक शव वाहन का इंतजार
परिजनों का आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद उन्होंने अस्पताल प्रशासन से शव वाहन उपलब्ध कराने की कई बार गुहार लगाई। दोपहर 12 बजे तक इंतजार करने के बावजूद कोई व्यवस्था नहीं की गई। आखिरकार करीब 1 बजे बेबस पिता बेटे का शव गोद में लेकर मोटरसाइकिल से अपने गांव के लिए रवाना हो गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
मासूम के शव को बाइक पर ले जाते पिता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।
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अधिकारियों ने झाड़ा पल्ला
मामले में जब चितरंगी बीएमओ डॉ. हरिशंकर वैश्य से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पुष्पराज सिंह ने घटना की जानकारी होने से ही इनकार कर दिया। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और शव वाहन जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।












