सिक्किम में लैंडस्लाइड का खौफनाक मंजर, पहाड़ी से गांव की तरफ बहता दिखा मलबा..!

गंगटोक। सिक्किम के पश्चिमी सिक्किम जिले के रिम्बी गांव में गुरुवार देर रात लगातार बारिश के बीच बड़ा भूस्खलन हुआ। पहाड़ से अचानक मिट्टी, चट्टानें और मलबा नीचे की ओर बहने लगा। इससे गांव के कुछ हिस्सों में काफी नुकसान हुआ और कई घर प्रभावित हुए। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पहाड़ी से मलबा तेजी से नीचे आते दिखाई दे रहा है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। इलाके में लगातार बारिश के कारण जमीन खिसकने का खतरा अभी भी बना हुआ है।
पहाड़ से तेजी से नीचे आया मलबा
रिम्बी गांव में हुए भूस्खलन के बाद बड़ी मात्रा में मलबा नीचे की ओर पहुंचा। इसमें मिट्टी के साथ पत्थर और चट्टानों के टुकड़े भी शामिल थे। बारिश के कारण पहाड़ी जमीन पहले से कमजोर बताई जा रही है। ऐसे में आगे भी मलबा खिसकने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर नजर रख रहा है।
128 लोगों को पहले ही हटाया गया
इलाके की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही कई परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया था। सिक्किम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, 28 घरों में रहने वाले 128 लोगों को एहतियात के तौर पर वहां से हटाया गया। प्रभावित परिवारों को राहत और जरूरी मदद उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है।
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सड़कें भी मलबे की चपेट में
भूस्खलन का असर सड़क संपर्क पर भी पड़ा है। रिम्बी-युक्सोम मार्ग पर कई जगह मलबा आने से आवाजाही प्रभावित हुई। रिम्बी को खेचोपालरी से जोड़ने वाली सड़क का एक हिस्सा भी पहले बारिश और भूस्खलन में क्षतिग्रस्त हो चुका है। सड़क संपर्क बहाल करने के लिए मरम्मत और पुल निर्माण की तैयारी की जा रही है।
NH-10 पर भी बढ़ी परेशानी
लगातार बारिश के कारण सिक्किम के दूसरे हिस्सों में भी सड़कें प्रभावित हुई हैं। NH-10 और सिंगतम-रंगपो मार्ग पर मलबा गिरने से यातायात में परेशानी आई। तीस्ता नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण निचले इलाकों में भी निगरानी बढ़ाई गई है। प्रशासन की टीमें संवेदनशील स्थानों पर हालात पर नजर रख रही हैं।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
SSDMA ने लोगों को सक्रिय भूस्खलन वाले इलाकों और जमा मलबे से दूर रहने की सलाह दी है। लोगों से नदी, नाले और तेज पानी वाली जगहों के पास नहीं जाने को कहा गया है। जमीन में नई दरार, मिट्टी खिसकने या पानी के बहाव में अचानक बदलाव दिखने पर तुरंत प्रशासन को जानकारी देने की अपील की गई है।
पहले भी हुआ था नुकसान
रिम्बी और आसपास के इलाकों में इससे पहले भी बारिश के दौरान भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। सड़क क्षतिग्रस्त होने के बाद राज्य सरकार ने अधिकारियों को मरम्मत का काम तेजी से करने के निर्देश दिए थे। संबंधित विभागों को सड़क और पुलों की स्थिति जांचने तथा प्रभावित रास्तों पर जल्द संपर्क बहाल करने के लिए कहा गया है।



















