PU Special :वर्कप्लेस पर ‘हैप्पीनेस’ बढ़ाने की ट्रेनिंग भी दे रहा आनंद संस्थान पावर ग्रिड के अफसरों ने सीखे तनाव प्रबंधन के गुर

राज्य आनंद संस्थान ने कार्यस्थल पर खुशहाली बढ़ाने के लिए आउटरीच कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, इटारसी के अधिकारियों और कर्मचारियों को तनाव प्रबंधन, बेहतर संवाद, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक सोच की ट्रेनिंग दी गई। विशेषज्ञों ने आत्मचिंतन, तनाव के कारण पहचानने और काम के बीच छोटे ‘अल्पविराम’ लेने के व्यावहारिक तरीके भी बताए।
वर्कप्लेस पर ‘हैप्पीनेस’ बढ़ाने की ट्रेनिंग भी दे रहा आनंद संस्थान पावर ग्रिड के अफसरों ने सीखे तनाव प्रबंधन के गुर

राजीव सोनी,भोपाल। राज्य आनंद संस्थान के विशेषज्ञों ने कॉरपोरेट अफसरों को हैप्पीनेस का पाठ पढ़ाने के लिए आउटरीच कार्यक्रमों की शुरुआत की है। संस्थान के मास्टर्स ट्रेनर्स ने पहली बार पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, इटारसी के वरिष्ठ अधिकारियों व स्टाफ को तनाव प्रबंधन, बेहतर संवाद, आनंदपूर्ण जीवन और इमोशनल बैलेंस के साथ कार्यालय में खुशहाली की ट्रेनिंग दी। उन्हें व्यावहारिक अभ्यास भी कराए। संस्थान के विशेषज्ञों ने कॉरपोरेट अफसरों को पहली बार यह समझाया कि काम को  ''बोझ'' बनने से कैसे रोकें। दफ्तर में तनाव रहित और हल्का-फुल्का माहौल बनाए रखने के टिप्स भी दिए। संस्थान के विशेषज्ञों ने सभी अधिकारियों और स्टाफ को दैनंदिन कामकाज के दौरान सकारात्मकता और मानसिक शांति बनाए रखने के उपाय भी समझाए।

स्वयं को समझाने और अपनी भूमिका पहचानने का मौका

वर्कशॉप के मास्टर्स ट्रेनर्स ने बताया कि ''अल्पविराम'' एक आत्मचिंतन आधारित टेस्टेड पहल है। इसमें प्रतिभागियों को कुछ समय बाहरी व्यस्तताओं और तनावपूर्ण जीवनशैली से दूर हटकर स्वयं को समझने और अपनी भूमिका को पहचानने का मौका मिलता है। इससे कार्यस्थल पर सद्भावपूर्ण और आपसी समझ का वातावरण बनाने में मदद मिलती है।

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ईक्यू और भावनात्मक संवाद

आनंद संस्थान की समन्वयक डॉ. प्रिया सोनपार ने भावनात्मक संवाद और प्रभावी संवाद के टूल्स समझाए। इमोशनल कोशिएंट ( एद) और व्यवहार के पैटर्न पर भी चर्चा की। यह भी बताया कि हमारी सोच, अपेक्षाएं और व्यवहार किस तरह रिश्तों को प्रभावित करते हैं। इसलिए दूसरों में बदलाव की अपेक्षा के बजाय स्वयं को समझने और अपने बर्ताव पर चिंतन कैसे करें, यह बताया।

रेस्ट रूम और जिम

संस्थान के विशेषज्ञ व मास्टर्स ट्रेनर्स अनिल कांबले, कटनी, तूलिका महतो और मनीषा ने यह भी समझाया कि कार्यालयों में रेस्ट रूम, भव्य फर्नीचर, जिम और अन्य सुख-सुविधाएं जुटाने से हैप्पीनेस नहीं आएगी। उसके लिए आत्मचिंतन और मानवीय संवेदनाओं पर मंथन करना होगा।

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कॉरपोरेट अफसरों को दिए टिप्स 

  • काम को जिम्मेदारी नहीं, उद्देश्य से जोड़ें।
  • हर परिस्थिति हमारी खुशी तय नहीं करती।
  • बातों को मन में न रखें, सहजता से व्यक्त करें।
  • काम के बीच छोटे अल्पविराम लें।
  • तनाव के कारणों को पहचानें।

 कॉरपोरेट ऑफिस में पहला अनुभव

‘कार्यस्थल पर हैप्पीनेस बढ़ाने के लिए संस्थान के विशेषज्ञों ने तनाव रहित रहने के उपाय समझाए। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन के साथ यह पहला अनुभव बहुत अच्छा रहा। स्टाफ ने भी पूरी दिलचस्पी से कार्यक्रम में भाग लिया।’

-सत्यप्रकाश आर्य, डायरेक्टर, राज्य आनंद संस्थान, भोपाल।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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